कमला हैरिस / X/@naturbanleague
अमेरिका की पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने 31 जुलाई को डेमोक्रेट्स से कहा कि वे 'वोटिंग राइट्स एक्ट' को तुरंत बहाल करने की कोशिशों के बजाय 2026 के मध्यावधि चुनावों में ज्यादा से ज्यादा लोगों के वोट डालने पर ध्यान दें, क्योंकि मौजूदा कांग्रेस के इस अहम कानून को बहाल करने की संभावना कम है।
नैशविल में 31 जुलाई को 'नेशनल अर्बन लीग' के सालाना सम्मेलन में हैरिस ने कहा कि लोगों का वोटर के तौर पर रजिस्ट्रेशन कराना और एक ऐसा एजेंडा बनाना जिससे अब तक की सबसे बड़ी संख्या में लोग वोट डालें, ताकि - इस माहौल में जहां वे धोखाधड़ी कर रहे हैं - हम इतने मजबूत हों कि हमारे नतीजों में हेरफेर न किया जा सके।
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नैशविल के 'म्यूजिक सिटी सेंटर' में हुए 'नेशनल अर्बन लीग' के सम्मेलन में नागरिक अधिकारों के नेताओं, नीति-निर्माताओं और समर्थकों ने नस्लीय न्याय, आर्थिक अवसर, लोकतंत्र और वोटिंग अधिकारों पर चर्चा की।
नेशनल अर्बन लीग के प्रेसिडेंट मार्क मोरियल के साथ बातचीत के दौरान, हैरिस ने हाल के अदालती फैसलों, रिपब्लिकन-लीड वाली री-डिस्ट्रिक्टिंग कोशिशों और ट्रम्प प्रशासन की आलोचना की। साथ ही, उन्होंने बताया कि मिड-टर्म चुनावों से पहले डेमोक्रेटिक पार्टी की प्राथमिकताएं क्या होनी चाहिए।
2026 के चुनावों पर फोकस
हैरिस ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि निकट भविष्य में वोटिंग राइट्स एक्ट को फिर से लागू करना संभव है। उन्होंने वोटिंग राइट्स के लिए काम करने वालों से अपील की कि वे इसके बजाय वोटिंग तक पहुंच को सुरक्षित करने पर ध्यान दें।
उन्होंने कहा कि सच कहूं तो मुझे नहीं लगता कि हम जल्द ही वोटिंग राइट्स एक्ट को फिर से लागू कर पाएंगे। मुझे नहीं लगता कि अभी इसे करने की कोशिश में अपनी ऊर्जा लगाना सबसे अच्छा होगा, क्योंकि मुझे नहीं पता कि मौजूदा कांग्रेस के गठन और नागरिक अधिकारों के मुद्दों के प्रति उनके रवैये को देखते हुए यह अभी हो पाएगा या नहीं।
इसके बजाय, हैरिस ने एक ज्यादा व्यावहारिक रणनीति अपनाने की बात कही। उन्होंने वोटर्स से अपना रजिस्ट्रेशन स्टेटस चेक करने, पोलिंग लोकेशन वेरिफाई करने और वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने (purges) के खिलाफ सतर्क रहने की अपील की।
उन्होंने डेमोक्रेट्स को चुनावी जीत हासिल करने के लिए 'निर्दयी' होने के लिए भी प्रोत्साहित किया। उन्होंने साफ किया कि उनका मतलब कानून तोड़ने या क्रूरता से पेश आने के बजाय बिना किसी समझौते के काम करने से था।
हैरिस ने सुप्रीम कोर्ट के 'कैलेस' (Callais) फैसले और टेनेसी की कांग्रेसनल री-डिस्ट्रिक्टिंग की कड़ी आलोचना की। उन्होंने तर्क दिया कि इस फैसले से नस्लीय भेदभाव वाले मैप्स बनाने का रास्ता खुला।
उन्होंने कहा कि उस फैसले में उन्होंने राजनीति के जरिए पिछले दरवाजे से नस्लवाद को बढ़ावा दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे कांग्रेस में अल्पसंख्यक समुदायों का सार्थक प्रतिनिधित्व खोने का खतरा है।
कोर्ट के विस्तार की मांग
मिड-टर्म चुनावों से आगे देखते हुए, हैरिस ने तर्क दिया कि अगर डेमोक्रेट्स को फिर से कांग्रेस पर नियंत्रण मिलता है, तो उन्हें संरचनात्मक सुधार करने चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाकर 13 करने के विचार पर फिर से गौर करने की जरूरत है, जैसे हमारे पास 13 डिस्ट्रिक्ट कोर्ट हैं।
उन्होंने इलेक्टोरल कॉलेज पर फिर से विचार करने, प्यूर्टो रिको और वाशिंगटन, डी.सी. को राज्य का दर्जा देने की संभावना तलाशने और सीनेट ज्यूडिशियरी कमेटी के सामने पेश होने वाले ज्यूडिशियल नॉमिनीज की जवाबदेही मजबूत करने की भी मांग की।
2028 के संभावित राष्ट्रपति चुनाव अभियान के बारे में अटकलों पर पूछे जाने पर, हैरिस ने भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर हम 2026 नहीं जीतते हैं तो 2028 का कोई मतलब नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि वह पूरी ईमानदारी से इन मिड-टर्म चुनावों पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं" और उन्होंने अपने राजनीतिक भविष्य के बारे में कोई फैसला नहीं किया है। ट्रंप प्रशासन
हैरिस ने राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की घरेलू और विदेशी नीतियों की भी आलोचना की। उन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को अपनी मर्जी से छेड़ा गया युद्ध बताया, जिसके लिए राष्ट्रीय सुरक्षा का कोई स्पष्ट मकसद तय नहीं किया गया था।
उन्होंने कहा कि यह युद्ध हमारी पसंद का युद्ध है... इसमें हमारे लिए राष्ट्रीय सुरक्षा का कोई साफ मुद्दा नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि इसके बजाय संसाधनों का इस्तेमाल अमेरिकियों की स्वास्थ्य सेवा, आवास और बच्चों की देखभाल की ज़रूरतों को पूरा करने में किया जाना चाहिए।
विदेश नीति पर हैरिस ने कहा कि ट्रंप के कार्यकाल में अमेरिका एक भरोसेमंद साथी नहीं रहा। उन्होंने गठबंधनों के प्रति प्रशासन के नज़रिए और USAID को खत्म करने की आलोचना की। जब उनसे पूछा गया कि एक असरदार राष्ट्रपति में क्या गुण होने चाहिए, तो हैरिस ने कहा कि नेतृत्व का आधार निजी स्वार्थ के बजाय सेवा भाव होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ऐसे नेता का सबसे अहम गुण, जो दूसरों पर असर डालने वाले फैसले ले सकता है, यह है कि वह आईने में खुद को देखने के बजाय लोगों की परवाह करे। यह आपके बारे में नहीं है। यह सेवा के बारे में है।
उन्होंने आगे कहा कि सहानुभूति, ईमानदारी और सच्चाई नेतृत्व के जरूरी गुण हैं। साथ ही, उन्होंने फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट, जॉन एफ. केनेडी, लिंडन बी. जॉनसन और बराक ओबामा की तारीफ की, क्योंकि उन्होंने जन कल्याण और नागरिक अधिकारों की रक्षा में सरकार की भूमिका को बढ़ाया था।
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