'अतुल्य भारत' प्रदर्शनी का उद्घाटन / India in Seattle via X
सिएटल स्थित भारत के महावाणिज्य दूतावास ने हाल ही में एक विशेष फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया जिसमें इस साल भारत की यात्रा के दौरान कैद किए गए यादगार पलों को प्रदर्शित किया गया। इस प्रदर्शनी का नाम अतुल्य भारत की झलकियां रखा गया था। इसमें सिएटल के प्रसिद्ध फोटोग्राफर सैम होरिन द्वारा चुनी गई तस्वीरें शामिल थीं।
इन तस्वीरों में भारत के कई प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थल दिखाए गए जिनमें यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों जैसे ताजमहल और कोणार्क सूर्य मंदिर भी शामिल थे। तस्वीरों में भारत के शहरों और कस्बों की रोजमर्रा की जिंदगी की झलक भी दिखाई गई जिससे भारत की विविध संस्कृति और जीवनशैली को समझने का अवसर मिला।
यह प्रदर्शनी मार्च 2026 में भारत गए 13 सदस्यीय पैसिफिक नॉर्थवेस्ट प्रतिनिधिमंडल की यात्रा पर आधारित थी। इस यात्रा में भारत की संस्कृति, शिक्षा व्यवस्था और वैश्विक साझेदारियों को करीब से देखने का मौका मिला था।
महावाणिज्य दूतावास ने कहा कि यह संग्रह दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत के दृश्य, ध्वनि और रोजमर्रा की कहानियों को जीवंत रूप में सामने लाता है। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन अमेरिकी सांसद एडम स्मिथ, केंट की मेयर डाना राल्फ, टुकविला के मेयर थॉमस मैक्लियोड और इसाक्वाह के मेयर मार्क मुललेट ने संयुक्त रूप से किया।
उद्घाटन समारोह में 100 से अधिक लोग शामिल हुए थे। अब यह प्रदर्शनी आने वाले हफ्तों में अमेरिका के पैसिफिक नॉर्थवेस्ट क्षेत्र के प्रमुख विश्वविद्यालयों में भी लगाई जाएगी ताकि अधिक से अधिक अमेरिकी पर्यटक भारत घूमने के लिए प्रेरित हों।
“Glimpses of Incredible India” Photo Exhibit inaugurated in Seattle!
— India In Seattle (@IndiainSeattle) April 27, 2026
US Congressman Adam Smith, Mayor of Kent Dana Ralph, Mayor of Tukwila Thomas McLeod, Mayor of Issaquah Mark Mullet jointly unveiled a special photo – exhibit featuring curated works by acclaimed Seattle-based… pic.twitter.com/95XKWs5cOn
यात्रा के दौरान कैद एक खास अनुभव के बारे में वॉशिंगटन स्टेट यूनिवर्सिटी में सहायक प्रोफेसर रयान वेन बूथ ने भारत के एक स्कूल की अपनी यात्रा साझा की। उन्होंने कहा कि अगर भारत का सिएटल स्थित महावाणिज्य दूतावास आपको कभी भारत की आधिकारिक यात्रा के लिए बुलाए तो हां जरूर कहिए। यह आपके जीवन को बेहतर बना देगा।
उन्होंने आगे बताया कि जब हम एक प्राथमिक कक्षा को देखने गए तो हमने बच्चों को उनकी अपनी स्थानीय भाषाओं और कई दूसरी भाषाओं में पढ़ते देखा। एक छात्र ने मुझसे कहा कि डॉ बूथ आप इतिहासकार क्यों हैं? आप तो एक दार्शनिक की तरह बोलते हैं और यह बहुत अच्छा लगता है।’
फोटोग्राफर सैम होरिन ने भी ताजमहल के बारे में अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा कि ताजमहल आपने इसे तस्वीरों में या अपनी कल्पना में कितनी भी बार देखा हो लेकिन असल में उसे देखने के लिए कुछ भी आपको पूरी तरह तैयार नहीं कर सकता।
बता दें कि यह प्रदर्शनी भारत की खूबसूरती, विविधता और सांस्कृतिक गहराई को दुनिया के सामने लाने का एक खास प्रयास मानी जा रही है।
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