राजिंदर कुमार और हादसे में मारा गया नवविवाहित जोड़ा। / Homeland Security
भारतीय नागरिक राजिंदर कुमार को अमेरिका की यूएस इमिग्रेशन एंड कस्टम्स इन्फोर्समेंट यानी ICE ने गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार ऑरेगन की एक स्थानीय जेल से रिहा किए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई जबकि पहले से इमिग्रेशन डिटेनर जारी था।
राजिंदर कुमार पर ऑरेगन के डेशूट्स काउंटी में एक घातक सड़क हादसे का आरोप है। डिपार्टमेंट ऑफ होमलेंड सिक्योरिटी यानी DHS के अनुसार उसे 22 अप्रैल को हिरासत में लिया गया। फिलहाल उसे वॉशिंगटन के टकोमा स्थित नॉर्थवेस्ट ICE प्रोसेसिंग सेंटर में रखा गया है जहां निर्वासन की प्रक्रिया चल रही है।
यह हादसा पिछले साल नवंबर में हुआ था। कुमार पर आरोप है कि उसने अपने सेमी-ट्रक को इस तरह मोड़ दिया कि वह सड़क पर आड़ा फंस गया और हाईवे की दोनों लेन बंद हो गईं।
अधिकारियों ने बताया कि उसी दौरान एक सुबारू आउटबैक कार तेज रफ्तार में ट्रेलर से टकरा गई। कार में 25 साल का विलियम मिकाह कार्टर और 24 साल की जेनिफर लिन लोअर सवार थे। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार इस दंपति की शादी को उस समय केवल 16 दिन हुए थे। राजिंदर कुमार इस हादसे में घायल नहीं हुआ और उसे घटनास्थल पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
ऑरेगन स्टेट पुलिस ने शुरुआती जांच में मौसम से जुड़ी परिस्थितियां और ड्राइवर की लापरवाही संभावित कारण मानी गईं। हालांकि पूरी रिपोर्ट और टॉक्सिकोलॉजी जांच अभी लंबित है। बाद में उस पर आपराधिक लापरवाही से हत्या, गैर-इरादतन हत्या और लापरवाह खतरा पैदा करने के आरोप लगाए गए। मार्च में कुमार ने इन आरोपों से खुद को निर्दोष बताया।
DHS ने कहा कि ICE ने स्थानीय अधिकारियों के पास पहले ही डिटेनर अनुरोध भेजा था। इसके बावजूद 2 अप्रैल को कुमार को जेल से रिहा कर दिया गया। रिकॉर्ड के अनुसार रिहाई से पहले उसने 2,50,000 डॉलर के बॉन्ड में से 25,000 डॉलर जमा किए थे। इसके बाद संघीय अधिकारियों ने उसे कुछ हफ्तों बाद खोजकर फिर से गिरफ्तार किया।
DHS रिकॉर्ड के अनुसार कुमार 28 नवंबर 2022 को एरिजोना के ल्यूकविल के पास अमेरिका-मेक्सिको सीमा पार कर अमेरिका में दाखिल हुआ था। उसे इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी होने तक अमेरिका में रहने की अस्थायी अनुमति दी गई थी। बाद में 2023 में उसे काम करने की अनुमति मिली और कैलिफोर्निया में उसने कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस भी प्राप्त कर लिया। DHS की सहायक सचिव ट्रिशिया मैकलॉफलिन ने बयान में कहा कि भारत से आए आपराधिक अवैध प्रवासी राजिंदर कुमार को बाइडेन प्रशासन के दौरान हमारे देश में छोड़ा गया और गेविन न्यूजम के मोटर वाहन विभाग ने उसे कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया।
उन्होंने आगे कहा कि और कितनी बेवजह त्रासदियां होंगी तब जाकर शरण देने वाली राजनीति करने वाले नेता अवैध प्रवासियों को अमेरिका की सड़कों पर खतरनाक तरीके से सेमी-ट्रक चलाने से रोकेंगे?
वहीं DHS ने सोशल मीडिया पर एक अलग बयान में कहा कि ICE अधिकारियों ने रिहाई के बाद कुमार को ढूंढ निकाला। हमारे ICE अधिकारियों का धन्यवाद जिन्होंने जेल से छोड़े जाने के बाद इस हत्यारे को ढूंढ निकाला। राजिंदर कुमार फिलहाल संघीय हिरासत में है जबकि उसके आपराधिक और इमिग्रेशन दोनों मामले आगे बढ़ रहे हैं।
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