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दीपा मैथ्यू के निशाने पर ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री, प्रवासी संबंधी टिप्पणी की आलोचना

उन्होंने राजनीतिक नेताओं से व्यापक चुनौतियों के अनुरूप 'निष्पक्ष, व्यवस्थित और टिकाऊ' आव्रजन नीति अपनाने का आग्रह किया।

फैमिली फर्स्ट की दक्षिण ऑस्ट्रेलियाई उच्च सदन उम्मीदवार दीपा मैथ्यू। / Linkedin/@Deepa Mathew

फैमिली फर्स्ट पार्टी की दक्षिण ऑस्ट्रेलियाई उच्च सदन की उम्मीदवार दीपा मैथ्यू ने दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के मुख्यमंत्री पीटर मलिनाउस्कस की प्रवासियों के बारे में कथित अपमानजनक टिप्पणियों की निंदा की है। उनका मानना ​​है कि ये टिप्पणियां प्रवासियों के योगदान को कम करती हैं और राज्य चुनाव से पहले सामुदायिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं।

पिछले सप्ताह एडिलेड में आयोजित ऑस्ट्रेलिया के आर्थिक विकास समिति के एक मंच पर मलिनाउस्कस से आप्रवासन संबंधी मतदाताओं की चिंताओं को दूर करने के लिए कहा गया था।

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इस पर मुख्यमंत्री ने कथित तौर पर रूढ़िवादी वन नेशन पार्टी के समर्थकों से कहा कि ऑस्ट्रेलिया की बढ़ती उम्र वाली आबादी के लिए आवश्यक नौकरियों को भरने के लिए आप्रवासन का उच्च स्तर अत्यंत महत्वपूर्ण है।

प्रीमियर की कथित टिप्पणियों को भारतीय मूल की राजनीतिक उम्मीदवार ने आपत्तिजनक माना और कहा कि ये आप्रवासियों को अपमानजनक रूढ़ियों तक सीमित करने का प्रयास है। उन्होंने मलिनाउस्कस पर पलटवार करते हुए कहा कि आप्रवासी केवल कम कुशल देखभालकर्ता नहीं हैं, बल्कि वे समाज में व्यापक और महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

न्यूज ऑफ ऑस्ट्रेलिया के अनुसार, मैथ्यू ने कहा कि मैं अपने पति और छोटे परिवार के साथ अवसर, स्वतंत्रता और बेहतर भविष्य की तलाश में दक्षिण ऑस्ट्रेलिया आई थी। हजारों अन्य प्रवासियों की तरह, मैंने भी कड़ी मेहनत की है, अर्थव्यवस्था में योगदान दिया है, करों का भुगतान किया है, रोजगार सृजित किए हैं और अपने समुदाय में स्वयंसेवा की है।”

दीपा ने कहा कि मेरे परिवार और मैंने ऑस्ट्रेलियाई जीवनशैली को अपना लिया है। हम इसमें घुल-मिल गए हैं।
 



मैथ्यू लगभग 20 साल पहले अपने पति और नवजात बच्चे के साथ भारत से एडिलेड आ गईं और बाद में बैंकिंग क्षेत्र में अपना करियर बनाया, फिर अपना खुद का व्यवसाय शुरू किया।

उन्होंने राजनीतिक नेताओं से आग्रह किया कि वे प्रवासी समुदायों को अलग-थलग करने वाली बयानबाजी पर निर्भर रहने के बजाय, आवास की सामर्थ्य, बुनियादी ढांचे और जीवनयापन की लागत जैसे व्यापक चुनौतियों के अनुरूप एक 'निष्पक्ष, व्यवस्थित और टिकाऊ' आप्रवासन नीति अपनाएं।

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