CoHNA के 'हिंदू एडवोकेसी दिवस' का पोस्टर / CoHNA
CoHNA 30 जून को वॉशिंगटन डीसी में ‘हिंदू डे ऑफ एडवोकेसी’ मनाने जा रहा है। यह इस वार्षिक कार्यक्रम का पांचवां आयोजन होगा। इसका मकसद हिंदू समुदाय के लोगों को सामाजिक और राजनीतिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से जुड़ने के लिए प्रेरित करना है। यह कार्यक्रम रेबर्न हाउस ऑफिस बिल्डिंग में होगा जो कैपिटल हिल में स्थित अमेरिकी संसद हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स का एक प्रमुख कार्यालय भवन है।
इस कार्यक्रम में विशेषज्ञ, एक्टिविस्ट, कम्युनिटी लीडर्स, युवा और आम लोग एक साथ आएंगे। इसका उद्देश्य कैपिटल हिल पर हिंदू समुदाय की मौजूदगी, भागीदारी और प्रभाव को बढ़ाना है। कार्यक्रम के लिए आमंत्रण देते हुए CoHNA ने कहा कि जब अमेरिका अपने 250 साल पूरे कर रहा है तब हम हिंदू अमेरिकियों को आमंत्रित करते हैं कि वे भविष्य तय करने वाली बातचीत का हिस्सा बनें।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर आप हमारी बढ़ती ताकत को देख रहे हैं तो अब उसमें शामिल होने का समय है। यह कार्यक्रम दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य हिंदू अमेरिकियों की आवाज को एकजुट करना है, ताकि जागरूकता, सम्मान और प्रतिनिधित्व को बढ़ाया जा सके।
आपको बताएं कि CoHNA उत्तरी अमेरिका में हिंदू समुदाय का एक ग्रासरूट संगठन है। यह संगठन हिंदू हितों की रक्षा, लोगों को हिंदू परंपराओं के बारे में जागरूक करने और समुदाय को सक्रिय बनाने का काम करता है।
CoHNA यह भी चाहता है कि मुख्यधारा समाज में हिंदू धर्म और भारत के बारे में सही तरीके से बात हो, खासकर युवाओं, मीडिया और राजनीति में। यह संगठन हिंदू और गैर-हिंदू संस्थाओं के साथ मिलकर आपसी सम्मान और विविधता को बढ़ावा देता है। हाल ही में CoHNA तब चर्चा में आया जब उसके अभियान के बाद हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को एक विवादित तस्वीर हटानी पड़ी।
यह तस्वीर हार्वर्ड के संस्कृत कोर्स पेज पर लगाई गई थी, जिसमें संस्कृत भाषा को गलत और नकारात्मक तरीके से दिखाया गया था। तस्वीर में एक व्यक्ति को कठपुतली चलाने वाले के रूप में दिखाया गया था। उसके माथे पर उर्ध्व पुंड्र तिलक और सिर पर मोर पंख था, जिससे भगवान कृष्ण से समानता दिखाई गई थी।
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