चित्रा बनर्जी दिवाकरुणी / Chitra Banerjee Divakaruni website
कैलिफोर्निया की माउंटेन व्यू लाइब्रेरी 7 मई को रात 9:30 बजे ईएसटी पर भारतीय-अमेरिकी लेखिका और कवयित्री चित्रा बनर्जी दिवाकरुणी के साथ एक वर्चुअल बातचीत आयोजित कर रही है। आपको बताएं कि ह्यूस्टन में रहने वाली दिवाकरुणी एक पुरस्कार विजेता लेखिका, सामाजिक कार्यकर्ता और प्रोफेसर हैं। उन्होंने 21 किताबें लिखी हैं जिनमें द मिस्ट्रेस ऑफ स्पाइसेज, सिस्टर ऑफ माई हार्ट और बिफोर वी विजिट द गॉडेस जैसी प्रसिद्ध पुस्तकें शामिल हैं।
यह कार्यक्रम मुफ्त है और इसमें शामिल होने के लिए केवल पंजीकरण करना होगा। इस वर्चुअल बातचीत में लेखिका अपने लेखन जीवन और रचनात्मक प्रक्रिया के बारे में बात करेंगी। कार्यक्रम में प्रश्न-उत्तर सत्र भी होगा जिससे लोग अपने सवाल पूछ सकेंगे और दिवाकरुणी के काम और जीवन को नए नजरिए से समझ सकेंगे।
उनका सबसे नया उपन्यास इंडिपेंडेंस भारत की आजादी के समय कोलकाता में रहने वाली तीन बहनों के संघर्ष की कहानी दिखाता है। ये उपन्यास 2022 में प्रकाशित हुआ था। इस पुस्तक के लिए उन्हें 2024 का अमेरिकन बुक अवॉर्ड मिल चुका है। दिवाकरुणी शिक्षा और घरेलू हिंसा रोकने के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। वे यूनिवर्सिटी ऑफ ह्यूस्टन के प्रसिद्ध क्रिएटिव राइटिंग प्रोग्राम में मैकडेविड प्रोफेसर ऑफ क्रिएटिव राइटिंग के पद पर कार्यरत हैं।
वे कई सामाजिक संस्थाओं से भी जुड़ी रही हैं। इनमें प्रथम शामिल है जो भारत में गरीब बच्चों की शिक्षा पर काम करता है। स्कूली बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने वाले अक्षय पात्र और घरेलू हिंसा से पीड़ित लोगों की मदद करने वाले दया एवं मैत्री भी इनमें शामिल हैं। वे ह्यूस्टन फूड बैंक का भी समर्थन करती हैं।
उनकी रचनाएं 100 से अधिक पत्रिकाओं और संकलनों में प्रकाशित हो चुकी हैं। इनमें द अटलांटिक, द न्यू यॉर्कर, द बेस्ट अमेरिकन शॉर्ट स्टोरीज और ओ. हेनरी प्राइज स्टोरीज जैसी प्रसिद्ध पत्रिकाएं शामिल हैं। उनकी रचनाओं का अनुवाद 30 भाषाओं में हो चुका है जिनमें डच, हिब्रू, बंगाली, हंगेरियन, तुर्की, हिंदी और जापानी शामिल हैं।
उनकी किताबों पर फिल्में, नाटक, नृत्य नाटक और ओपेरा भी बनाए गए हैं। उन्हें कई प्रतिष्ठित सम्मान मिले हैं, जिनमें अमेरिकन बुक अवॉर्ड, पेन जोसेफीन माइल्स अवॉर्ड, प्रेमियो स्कैनो और लाइट ऑफ इंडिया अवॉर्ड शामिल हैं। साल 2015 में द इकोनॉमिक टाइम्स ने उन्हें दुनिया की 20 सबसे प्रभावशाली भारतीय महिलाओं में शामिल किया था।
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