ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक की हत्या, भारत में चढ़ा सियासी पारा

भाजपा की आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि यह हत्या बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे लगातार अत्याचार को दिखाती है, जिन्हें बिना चुने हुए यूनुस सरकार के आने के बाद से निराशा के कगार पर धकेल दिया गया है।

 बांग्लादेश के फेनी जिले के डागोनभुइयां में 11 जनवरी को समीर कुमार दास की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। बांग्लादेश के फेनी जिले के डागोनभुइयां में 11 जनवरी को समीर कुमार दास की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। / @amitmalviya/X

बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक समीर कुमार दास की हत्या के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने घटना की कड़ी आलोचना की है। भाजपा की आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि यह हत्या बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे लगातार अत्याचार को दिखाती है, जिन्हें बिना चुने हुए यूनुस सरकार के आने के बाद से निराशा के कगार पर धकेल दिया गया है। 

अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा- बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर एक और लक्षित हमले में फेनी के डागनभुइयां में समीर कुमार दास की बेरहमी से हत्या कर दी गई। हमलावरों ने उनका ऑटो-रिक्शा भी लूट लिया, जो उनकी रोजी-रोटी का एकमात्र जरिया था।

उन्होंने लिखा कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने हिंदुओं, ईसाईयों और बौद्धों समेत अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों को परेशान करने वालों पर लगाम लगाने की कोई कोशिश नहीं की है। न ही उसने सांत्वना का एक शब्द भी कहा है। इसके बजाय, सत्ता में बैठे व्यक्ति ने इन टारगेटेड हमलों को 'मनगढ़ंत कहानी' बताकर खारिज कर दिया है। यह संदेश डरावना है। यह संदेश डरावना है कि अल्पसंख्यक लोगों की जिंदगी मायने नहीं रखती।

परिवार के सदस्यों और पुलिस के हवाले से बांग्लादेश के बंगाली अखबार डेली मनोबकंठा ने जानकारी दी कि समीर दास रविवार शाम को अपने ऑटो-रिक्शा से घर से निकला था। जब वह देर रात तक घर नहीं लौटा, तो उसके रिश्तेदारों ने अलग-अलग जगहों पर उसकी तलाश शुरू की। बाद में स्थानीय लोगों ने उपजिला के सदर यूनियन के तहत जगतपुर गांव में एक खेत में समीर का शव पड़ा हुआ पाया। शव पर चाकू के कई निशान थे। शुरुआती पुलिस जांच से पता चला कि समीर को एक सुनसान जगह पर ले जाया गया और उसका ऑटो-रिक्शा छीनने की कोशिश में बेरहमी से मार दिया गया।

इस घटना के बाद अमित मालवीय ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री पर भी निशाना साधा और कहा कि अगर ममता बनर्जी 2026 में कभी सत्ता में वापस आती हैं, तो पश्चिम बंगाल के हिंदू बंगालियों को कोई गलतफहमी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि यह और भी बुरा होगा। हरगोविंद दास और उनके बेटे चंदन दास के खून के धब्बे अभी सूखे भी नहीं हैं। कभी मत भूलो, कभी माफ मत करो।

Comments

Leave A Comment

Required fields are marked (*).

Related

Talk to us?