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अमेरिकी व्लॉगर ने भारत के हेल्थकेयर सिस्टम की तारीफ की तो अमेरिकियों का छलका दर्द

मैकेंज़ी ने अमेरिका और भारत के हेल्थकेयर सिस्टम की तुलना करते हुए कहा कि अमेरिका में लैब टेस्ट का अपॉइंटमेंट लेने में दिनों से लेकर हफ्ते तक लग सकते हैं। लेकिन भारत में तुरंत ही आप लैब टेस्ट करा सकते हैं। वो भी बहुत सस्ती कीमत पर।

अनस्टक विद मैक एंड कीन नाम से व्लॉगिंग करने वाली मैकेंज़ी का वीडियो खूब वायरल है। /

भारत के हेल्थकेयर सिस्टम की क्वालिटी को लेकर अमेरिकन व्लॉगर का एक इंस्टाग्राम वीडियो खूब वायरल हो रहा है। अनस्टक विद मैक एंड कीन नाम के व्लॉगिंग करने वाली मैकेंज़ी ने इस वीडियो में अपने ब्रिटिश पार्टनर के भारत में स्टे के दौरान बीमार पड़ने का अनुभव साझा किया है। 

वीडियो में मैकेंज़ी ने बताया कि उनका दोस्त कुछ हेल्थ टेस्ट कराना चाहता था लेकिन बहुत नर्वस था। हम ये देखकर हैरान रह गए कि भारत में भी आप अपने लैब टेस्ट शेड्यूल कर सकते हैं। आपके बताए समय पर नर्स आपके घर पर आकर सैंपल कलेक्ट कर सकती है। 

उन्होंने अमेरिका और भारत के हेल्थकेयर सिस्टम की तुलना करते हुए कहा कि अमेरिका में लैब टेस्ट का अपॉइंटमेंट लेने में दिनों से लेकर हफ्ते तक लग सकते हैं। लेकिन भारत में तुरंत ही आप लैब टेस्ट करा सकते हैं। वो भी बहुत सस्ती कीमत पर। मुझे लग रहा था कि टेस्ट बहुत महंगे होंगे, मगर मैं ये देखकर हैरान थी कि पूरे टेस्ट के लिए हमें महज 14 डॉलर यानी करीब 1100 रुपये देने पड़े थे। 



छह दिन पहले पोस्ट इस वीडियो को अब तक छह मिलियन से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं। कई अमेरिकी भी इस पर हैरानी जताते हुए अपने यहां के हेल्थकेयर सिस्टम से तुलना कर रहे हैं। हार्वर्ड हेल्थ पब्लिशिंग में सीनियर फैकल्टी एडिटर रॉबर्ट एच शेमरलिंग ने अपने आर्टिकल में कई मुद्दों पर विस्तार से लिखा है। 

इज आवर हेल्थकेयर सिस्टम ब्रोकन नाम के आर्टिकल में डॉ. शेमरलिंग लिखते हैं कि दुनिया के अन्य उच्च खर्च वाले देशों की तुलना में अमेरिका में हेल्थकेयर पर खर्च ज्यादा होता है, इसके बावजूद जीवन प्रत्याशा, आत्महत्या, अस्पताल में भर्ती होने, जन्म देते समय मांओं की मौत जैसे कई मामलों में हम काफी पीछे हैं। यह सब तब है, जब हमारे यहां स्वास्थ्य देखभाल काफी महंगी है। 

इसी तरह यूके की नागरिक फातमी इब्रायानोवा अपने देश में नेशनल हेल्थ सर्विस की हालत बताते हुए कहा कि लंबी वेटिंग की वजह से उन्हें तुर्की में अपना इलाज कराना पड़ा था। रिपोर्ट बताती हैं कि इंग्लैंड में साढ़े सात लाख से अधिक लोगों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है और संतुष्टि भी नहीं मिलती। 

कई यूजर्स ने मैकेंज़ी के वीडियो पर प्रतिक्रिया में लिखा कि यही कारण है कि मेरे सभी भारतीय मित्र अपना सालाना चेकअप कराने, रूट कनाल कराने, आंखों की जांच आदि के लिए भारत में इलाज कराना पसंद करते हैं। इस यूजर ने लिखा कि जिनके पास पैसा है, उनके लिए भारत में बेहतरीन स्वास्थ्य सेवा मिलती है। लेकिन गरीबों के लिए वहां इलाज कराना बहुत ही खराब है।

एक यूजर प्रोमिता मुखर्जी ने बताया कि 2014 में उनके परिवार का भारत में एक्सीडेंट हो गया था। महज 10 मिनट में एंबुलेंस आ गई थी और फर्स्ट एड मिल गई थी। दूरदराज के गांवों में भी काफी अच्छा हेल्थकेयर सिस्टम है। उसी की वजह से मेरे पिता की जान बच पाई थी। 

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