एयर इंडिया / Pexels
एयर इंडिया ने 4 मार्च को घोषणा की कि वह टोरंटो, फ्रैंकफर्ट और पेरिस के लिए अतिरिक्त उड़ानें शुरू कर रही है। यह फैसला मौजूदा मध्य-पूर्व संकट के बीच बढ़ती मांग को देखते हुए लिया गया है।
एयर इंडिया ने एक बयान में कहा कि 5 से 11 मार्च के बीच हम दिल्ली और टोरंटो के बीच 3 अतिरिक्त उड़ानें चला रहे हैं। 7 से 10 मार्च के बीच दिल्ली और फ्रैंकफर्ट के बीच तीन अतिरिक्त उड़ानें और दिल्ली से पेरिस (चार्ल्स डी गॉल) के लिए एक अतिरिक्त उड़ान जोड़ी गई है।
बयान में कहा गया कि इन अतिरिक्त सेवाओं से यात्रियों को इन मार्गों पर अधिक विकल्प मिलेंगे। दिल्ली से आगे एयर इंडिया के भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के बड़े घरेलू नेटवर्क के लिए भी सुविधाजनक कनेक्शन मिलेंगे। हम स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और 11 मार्च के बाद भी इन मार्गों पर अतिरिक्त उड़ानें जोड़ने का आकलन करेंगे।
एयर इंडिया एक्सप्रेस भी 5 मार्च को मस्कट के लिए और वहां से उड़ानें जारी रखेगी। इसके साथ ही मस्कट और दिल्ली तथा मुंबई के बीच अतिरिक्त उड़ानें भी संचालित की जाएंगी।
एयर इंडिया एक्सप्रेस ने एक बयान में कहा कि हम 7 मार्च 2026 तक रस अल खैमाह से दिल्ली, कोच्चि और मुंबई को जोड़ने वाली विशेष उड़ानें भी चला रहे हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी उड़ान की स्थिति जांच लें और अपने पीएनआर में संपर्क विवरण अपडेट रखें। बदलाव या रद्द करने के लिए यात्री http://airindiaexpress.com/manage-booking पर जा सकते हैं। वे वेबसाइट, ऐप या व्हाट्सऐप (+91 63600 12345) पर #ChatWithTia के जरिए भी जानकारी ले सकते हैं।
इस बीच नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 4 मार्च को कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण फंसे यात्रियों की आवाजाही के लिए भारतीय एयरलाइंस भारत और खाड़ी क्षेत्र के बीच 58 उड़ानें संचालित करेंगी। इनमें 30 उड़ानें इंडिगो और 23 उड़ानें एयर इंडिया तथा एयर इंडिया एक्सप्रेस की होंगी।
मंत्रालय ने कहा कि वह पश्चिम एशिया के कुछ हिस्सों में बदलती हवाई क्षेत्र की स्थिति और उसके अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रभाव की लगातार निगरानी कर रहा है। अब तक भारतीय एयरलाइंस की 1,221 उड़ानें और विदेशी एयरलाइंस की 388 उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं। मंत्रालय ने कहा कि भारतीय एयरलाइंस ने अपने शेड्यूल में सावधानीपूर्वक बदलाव किए हैं। लंबी और अति-लंबी दूरी की उड़ानों को वैकल्पिक मार्गों से धीरे-धीरे फिर से शुरू किया जा रहा है, ताकि प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र से बचा जा सके।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि वह एयरलाइंस के साथ लगातार संपर्क में है। टिकट की कीमतों पर भी नजर रखी जा रही है ताकि इस अवधि में किराए में अनावश्यक बढ़ोतरी न हो। एयरलाइंस को यात्रियों के साथ पारदर्शी जानकारी साझा करने और रिफंड, रीशेड्यूलिंग तथा यात्री सहायता से जुड़े नियमों का पालन करने की सलाह दी गई है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी-अपनी एयरलाइन से उड़ान की ताजा स्थिति की जांच कर लें और केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी लें।
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