ईरानी दूतावास में स्वामी सारंग / IANS
भारत स्थित ईरानी दूतावास में ग्लोबल पीस फाउंडेशन के संस्थापक स्वामी सारंग बुधवार को पहुंचे। उन्होंने ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत पर दुख जताते हुए शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए।
बाद में भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने एक्स प्लेटफॉर्म पर तस्वीरों के साथ उनका आभार जताया। उन्होंने लिखा, "मुझे ग्लोबल पीस फाउंडेशन के फाउंडर, स्वामी सारंग की मेजबानी करने का मौका मिला।"
फिर आभार जताते हुए कहा कि इस्लामिक क्रांति के सुप्रीम लीडर, अयातुल्ला खामेनेई की शहादत पर आपकी हमदर्दी और संवेदना के लिए मैं दिल से आपकी तारीफ करता हूं। साझा की गई तस्वीरों में फथाली और सारंग एक दूसरे के गले मिलते और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते देखे जा सकते हैं।
28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इजरायल के हवाई हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद, भारत ने कूटनीतिक शोक व्यक्त किया था। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने 5 मार्च को नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास का दौरा किया और शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर कर भारत सरकार की ओर से संवेदना प्रकट की थी।
तभी से देश के विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि अपनी संवेदना जाहिर करने के लिए पहुंच रहे हैं। 28 फरवरी 2026 को तेहरान में एक हमले में खामेनेई की मौत हुई थी। ईरान ने 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की। विदेश सचिव विक्रम मिस्री, भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी, और पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती प्रमुख रहे। भारत में ईरानी दूतावास ने इस घटना को 'जघन्य अपराध' बताते हुए दुनियाभर की सरकारों से निंदा करने का आग्रह किया था।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी ईरानी दूतावास का दौरा किया था। सलमान खुर्शीद और पवन खेड़ा सहित नेताओं ने ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु पर अपनी संवेदना व्यक्त की थी। इस प्रतिनिधिमंडल ने भारत में ईरान के प्रतिनिधि के सामने अपनी सहानुभूति व्यक्त की थी।
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