MEA के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल / Courtesy: IANS/Prem Nath Pandey
भारत सरकार का पूरा ध्यान अपने जहाजों को सुरक्षित होर्मुज स्ट्रेट से निकालने और भारतीयों की दूतावास के जरिए हर संभव मदद पहुंचाने पर है। एमईए ने मंगलवार को प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि संकटग्रस्त मध्य पूर्व इलाकों में फंसे भारतीयों को निकालने की हरसंभव कोशिश की जा रही है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि स्थिति पर 24/7 निगरानी की जा रही है।
शिपिंग, पेट्रोलियम, सूचना एवम् प्रसारण मंत्रालय और एमईए की इस संयुक्त प्रेस ब्रीफ में सरकार के प्रयासों का विवरण दिया गया।
इस दौरान, शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि भारत सरकार ईरान समेत दूसरे देशों के साथ लगातार संपर्क में है और हमारा मकसद भारतीय जहाजों का सुरक्षित आवागमन है।
वहीं, एमईए प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि सोमवार को ही छात्रों समेत 650 भारतीय नागरिकों ने ईरान बॉर्डर क्रॉस किया; वे आर्मेनिया और अजरबैजान पहुंचे। 284 जायरीनों ने भी आर्मेनिया की सीमा पार कर ली है, और उनमें से 130 स्वदेश लौट रहे हैं। इस पूरे क्षेत्र में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा, भलाई और संरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि मंत्रालय का विशेष कंट्रोल रूम लगातार काम कर रहा है, जो भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों की मदद के लिए उपलब्ध है। साथ ही राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ भी लगातार संपर्क में रहकर समन्वय किया जा रहा है।
वहीं, भारत सरकार के विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (खाड़ी क्षेत्र) असीम आर. महाजन ने बताया कि ओमान के सोहर शहर में हुए एक हमले में मारे गए दो भारतीयों के शव मंगलवार को जयपुर में उनके परिवारों को सौंप दिए गए। सरकार ने मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।
मंत्रालय के अनुसार, घायलों की हालत पर नजर रखी जा रही है और किसी भी भारतीय के गंभीर रूप से घायल होने की खबर नहीं है। अब तक मिडिल ईस्ट से करीब 44 हजार लोग भारत वापस आ चुके हैं।
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