नए आधार मोबाइल ऐप के बहुत फायदे / IANS/Wasim Sarvar
भारत में सरकार ने एक नया आधार मोबाइल ऐप लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य पहचान की जांच को तेज, सुरक्षित और आम लोगों के लिए आसान बनाना है। इस ऐप की मदद से लोग अपने मोबाइल फोन में ही अपनी डिजिटल पहचान रख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर साझा कर सकते हैं।
इस ऐप के जरिए यूजर को आधार कार्ड की हार्ड कॉपी दिखाने या उसकी फोटोकॉपी देने की जरूरत नहीं होगी। यूजर केवल वही जानकारी साझा कर सकता है, जितनी किसी खास काम के लिए जरूरी हो। इससे एयरपोर्ट, होटल, अस्पताल और अलग-अलग सेवा प्लेटफॉर्म पर पहचान जांच जल्दी हो सकेगी।
इस ऐप की खास बात यह है कि इसमें क्यूआर कोड के जरिए ऑफलाइन आधार वेरिफिकेशन किया जा सकता है, जैसे होटल में चेक-इन के समय। इसके अलावा, सामने मौजूद व्यक्ति की पुष्टि के लिए फेस वेरिफिकेशन और मूवी टिकट बुकिंग जैसी सेवाओं के लिए उम्र की जांच (एज वेरिफिकेशन) की सुविधा भी दी गई है।
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सरकारी बयान के अनुसार, यह आधार ऐप हर तरह के यूजर को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसमें होटल चेक-इन के लिए क्यूआर कोड स्कैन करना, जरूरत पड़ने पर फेस वेरिफिकेशन, सिनेमा टिकट के लिए उम्र की पुष्टि, अस्पताल में विजिटर या अटेंडेंट की एंट्री और गिग वर्कर्स व सर्विस पार्टनर्स की पहचान जांच जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
इस ऐप से यूजर अपने आधार बायोमेट्रिक डेटा को सिर्फ एक क्लिक में लॉक या अनलॉक कर सकता है। इसके साथ ही, यूजर अपने आधार ऑथेंटिकेशन की पूरी हिस्ट्री देख सकता है और 'वन फैमिली-वन ऐप' फीचर के तहत एक ही मोबाइल में पांच आधार प्रोफाइल तक मैनेज कर सकता है।
अब इस ऐप की मदद से यूजर अपने आधार में दर्ज मोबाइल नंबर को भी अपडेट कर सकता है। इससे छोटे बदलावों के लिए बैंक या आधार केंद्र जाने की जरूरत कम हो जाएगी। सरकार ने बताया कि आगे चलकर और भी अपडेट सेवाएं इस ऐप में जोड़ी जाएंगी।
सरकार ने स्पष्ट किया कि ऐप के जरिए साझा की गई जानकारी में आधार नंबर को वेरिफिकेशन करने वाली एजेंसियां स्टोर नहीं करेंगी। केवल डिजिटल रूप से साइन और वेरिफाइड डेटा ही शेयर किया जाएगा, जिससे गलत इस्तेमाल का खतरा कम होगा और यह डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (डीपीडीपी) कानून के अनुरूप होगा।
यह ऐप भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने तैयार किया है और इसे वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लॉन्च किया।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि यह नया ऐप डेटा को कम से कम साझा करने की सोच को बढ़ावा देगा और आधार धारकों को अपनी जानकारी चुनकर सुरक्षित तरीके से साझा करने की सुविधा देगा।
यूआईडीएआई के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि कागज से पूरी तरह डिजिटल सिस्टम की ओर यह एक बड़ा कदम है। ऐप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यूजर जरूरत के हिसाब से सिर्फ वही जानकारी साझा कर सकता है, जो किसी खास काम के लिए जरूरी हो, वह भी कस्टमाइज्ड क्यूआर कोड के जरिए।
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