गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और लक्जमबर्ग के वित्त मंत्री गिल्स रोथ / IANS
गुजरात ने हरित वित्त (ग्रीन फाइनेंस) और दीर्घकालिक बुनियादी ढांचे के विकास में लक्जमबर्ग के साथ संभावित सहयोग की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और लक्जमबर्ग के वित्त मंत्री गिल्स रोथ के बीच गांधीनगर में हुई बैठक में इस पर चर्चा हुई।
अधिकारियों के अनुसार, यह बैठक लक्जमबर्ग के प्रतिनिधिमंडल की ओर से एक शिष्टाचार भेंट थी, लेकिन इसमें अहम मुद्दों पर बातचीत हुई। चर्चा का मुख्य केंद्र ग्रीन बॉन्ड और सतत वित्त (सस्टेनेबल फाइनेंस) में लक्जमबर्ग की विशेषज्ञता का लाभ उठाना था, क्योंकि गुजरात हरित ऊर्जा, हरित वित्तपोषण और हरित विकास में अपनी पैठ बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गुजरात ने वित्तीय प्रबंधन में विवेक बनाए रखा है और हरित ऊर्जा एवं हरित विकास पहलों में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।"
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उन्होंने कहा कि राज्य अपने सतत विकास एजेंडे को मजबूत करने के लिए ग्रीन बॉन्ड और ग्रीन फाइनेंसिंग में लक्जमबर्ग के अनुभव से लाभ उठाने को इच्छुक है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के नवीकरणीय ऊर्जा और मिशन लाइफ (LiFE) पर दिए गए जोर का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा, "पर्यावरण के अनुकूल जीवन शैली और हरित विकास के विजन को नगर निगम ग्रीन बॉन्ड, दीर्घकालिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और सतत विकास ढांचे के माध्यम से आगे बढ़ाया जा सकता है।" उन्होंने दोनों पक्षों से इन क्षेत्रों में आपसी सहयोग के रास्ते तलाशने का आग्रह किया।
लक्जमबर्ग के वित्त मंत्री का बयान
लक्जमबर्ग के वित्त मंत्री गिल्स रोथ ने कहा कि उनका देश भारत और गुजरात के साथ वित्तीय संबंधों का विस्तार करने में रुचि रखता है। उन्होंने बताया कि लक्जमबर्ग में 115 बैंक हैं और वहां निवेश प्रबंधन में 8 ट्रिलियन यूरो की संपत्ति है, साथ ही करीब 80 देशों में निवेश और वित्तीय सेवाओं में उसकी मौजूदगी है।
रोथ ने कहा कि GIFT सिटी (गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी) में अंतरराष्ट्रीय वित्तपोषण क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की लक्जमबर्ग की गहरी इच्छा है। उन्होंने GIFT सिटी में IFSCA (इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंट्रस अथॉरिटी) और लक्जमबर्ग के CSSF (कमीशन डी सर्विलांस डु सेक्टर फाइनेंसियर) के बीच हुए एमओयू का भी उल्लेख किया, जिससे दोनों पक्षों के बीच वित्तीय सहयोग मजबूत हुआ है।
मुख्यमंत्री पटेल ने लक्जमबर्ग के प्रतिनिधिमंडल को जनवरी 2027 में होने वाले वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट और अप्रैल एवं जून 2026 में आयोजित होने वाले दक्षिण एवं मध्य गुजरात के क्षेत्रीय सम्मेलनों में भाग लेने का निमंत्रण दिया। वहीं, रोथ ने मुख्यमंत्री और गुजरात सरकार के एक प्रतिनिधिमंडल को लक्जमबर्ग आने का न्योता दिया।
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