सांकेतिक तस्वीर / Courtesy: IANS
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण कई विदेशी नागरिक भारत से प्रस्थान करने में असमर्थ हैं, क्योंकि उनकी उड़ानें रद्द या प्रभावित हो गई हैं।
ऐसे में भारत सरकार ने प्रभावित देशों के नागरिकों के लिए वीजा और प्रवासन से जुड़े महत्वपूर्ण राहत उपायों की घोषणा की है।
इनमें वीजा/ई-वीजा का मुफ्त विस्तार, ओवरस्टे पर जुर्माने की माफी, निकासी परमिट की सुविधा और अस्थायी लैंडिंग परमिट जैसी सुविधाएं शामिल हैं, ताकि विदेशी नागरिक सुरक्षित और कानूनी रूप से अपने देश लौट सकें।
फिलीपींस स्थित भारतीय दूतावास की ओर से जारी एडवाइजरी में बताया गया, ''पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष की स्थिति के कारण कई विदेशी नागरिक अपने वीजा की वैधता समाप्त होने से पहले भारत से प्रस्थान नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि फ्लाइटें रद्द या प्रभावित हो गई हैं। सद्भावना और मानवीय दृष्टिकोण के तहत भारत सरकार ने वीजा से संबंधित कदम उठाए हैं।''
एडवाइजरी के अनुसार, सभी प्रकार के वीजा/ई-वीजा, जो समाप्त होने वाले हैं या जल्दी ही समाप्त होने वाले हैं, प्रभावित देशों के नागरिकों के लिए क्षेत्रीय इमिग्रेशन कार्यालय (फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस) की ओर से केस-टू-केस स्थिति के आधार पर एक महीने के लिए मुफ्त में बढ़ाए जाएंगे।
28 फरवरी के बाद जारी संघर्ष के कारण प्रभावित विदेशी नागरिकों के किसी भी ओवरस्टे का जुर्माना माफ कर दिया जाएगा। प्रभावित विदेशी नागरिकों को निकासी परमिट (निकास अनुमति) मुफ्त में प्रदान किया जाएगा।
प्रभावित विदेशी नागरिकों की ओर से निकासी परमिट न लगवाना या वीजा का विस्तार न कराना प्रवासन कानून का उल्लंघन नहीं माना जाएगा। फ्लाइट डायवर्जन के कारण भारत पहुंचने वाले विदेशी नागरिकों को अस्थायी लैंडिंग परमिट (टीएलपी) मुफ्त में दिया जाएगा।
एमईए ने मंगलवार को प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि संकटग्रस्त मध्य पूर्व इलाकों में फंसे भारतीयों को निकालने की हरसंभव कोशिश की जा रही है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि स्थिति पर 24X7 निगरानी की जा रही है।
एमईए प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि सोमवार को ही छात्रों समेत 650 भारतीय नागरिकों ने ईरान बॉर्डर क्रॉस किया। वे आर्मेनिया और अजरबैजान पहुंचे। 284 जायरीनों ने भी आर्मेनिया की सीमा पार कर ली है, और उनमें से 130 स्वदेश लौट रहे हैं। इस पूरे क्षेत्र में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा और भलाई सरकार की पहली प्राथमिकता है।
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