पीएम नरेंद्र मोदी / IANS
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) 'सेवा तीर्थ' का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने अपने नए दफ्तर के सबसे पहले निर्णयों में 'सेवा भावना' को प्राथमिकता देने का भी संदेश दिया। पीएम मोदी ने महिलाओं, युवाओं और कमजोर वर्ग के लिए अहम फैसलों से जुड़ी जरूरी फाइलों पर साइन किए।
पीएमओ के सेवा तीर्थ में शिफ्ट होने के बाद जिन फैसलों पर प्रधानमंत्री मोदी ने साइन किए हैं, उनका उद्देश्य समाज के हर तबके, युवाओं, महिलाओं, किसानों और कमजोर वर्ग, को सशक्त बनाना है। खास बात ये है कि प्रधानमंत्री ने जिन फाइलों पर साइन किए और चार खास प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी, उसका सीधा असर लखपति दीदियों, किसानों और युवाओं के कल्याण पर पड़ेगा।
पीएम राहत स्कीम
प्रधानमंत्री मोदी ने पीएम राहत स्कीम शुरू करने की मंजूरी दी। इस पहल के तहत, दुर्घटना के पीडितों को 1.5 लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। जिससे यह सुनिश्चित होगा कि तुरंत चिकित्सीय मदद न मिलने से किसी की जान न जाए।
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लखपति दीदी लक्ष्य दोगुना, अब 6 करोड़ का लक्ष्य
केंद्र की मोदी सरकार ने 3 करोड़ लखपति दीदियों का लैंडमार्क पार कर लिया है, जो ओरिजिनल मार्च 2027 टाइमलाइन से एक साल से भी ज्यादा पहले है। पीएम मोदी ने मार्च 2029 तक 6 करोड़ लखपति दीदियां बनाने का नया लक्ष्य रखा है, जिससे स्केल और एस्पिरेशन दोनों दोगुना हो गए हैं।
किसानों को बड़ा बूस्ट
एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड दोगुना- भारत की पूरी एग्रीकल्चर वैल्यू चेन को मजबूत करने के मकसद से पीएम मोदी ने एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के खर्च को 1 लाख करोड़ रुपए से दोगुना करके 2 लाख करोड़ रुपए करने की मंजूरी दी है।
स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0
प्रधानमंत्री मोदी ने 10,000 करोड़ रुपए के फंड के साथ 'स्टार्टअप इंडिया - फंड ऑफ फंड्स 2.0' को मंजूरी दी है। जो भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम को, खासकर डीप टेक, शुरुआती आइडिया, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और ब्रेकथ्रू टेक्नोलॉजी को पावर देने में बहुत मददगार साबित होगा।
वहीं, पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, "भारत के लोगों की सेवा करने के पक्के इरादे और नागरिक देवो भव की पवित्र भावना से प्रेरित होकर, सेवा तीर्थ विनम्रता से देश को समर्पित है। सेवा तीर्थ हमेशा कर्तव्य, करुणा, इंडिया फर्स्ट के सिद्धांत के प्रति प्रतिबद्धता का एक चमकता हुआ प्रतीक बना रहे। यह आने वाली पीढ़ियों को निस्वार्थ सेवा और भलाई के लिए बिना थके समर्पण के रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करे।"
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