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पूजा सेठी ने एंटी-इमिग्रेंट पोस्ट पर क्यों कहा “मैं भी अपना देश वापस चाहती हूं”

गोंजालेस ने कहा कि उनका शहर अब पहचाना नहीं जा रहा और लिखा कि मैं अपना देश वापस चाहती हूं। इस पर जवाब देते हुए सेठी ने लिखा कि मैं भी अपना देश वापस चाहती हूं।

पूजा सेठी / सारा गोंजालेस / X/ Pooja Sethi/ Sara Gonzales

टेक्सास हाउस डिस्ट्रिक्ट 47 की उम्मीदवार और ट्रैविस काउंटी डेमोक्रेटिक पार्टी की पूर्व अध्यक्ष पूजा सेठी ने एक एंटी-इमिग्रेंट सोशल मीडिया पोस्ट का जवाब देते हुए कहा कि प्रवासियों को खतरे के रूप में दिखाने वाली भाषा गलत है। सेठी का यह जवाब तब आया जब टेक्सास की यूट्यूबर और पत्रकार सारा गोंजालेस ने प्लानो, टेक्सास के एक पार्क में अपने अनुभव के बारे में लिखा जहां वह विदेशियों से घिरी हुई थीं और कई भाषाएं बोली जा रही थीं।

गोंजालेस ने कहा कि उनका शहर अब पहचाना नहीं जा रहा और लिखा कि मैं अपना देश वापस चाहती हूं। इस पर जवाब देते हुए सेठी ने लिखा कि मैं भी अपना देश वापस चाहती हूं। वह देश जहां इस तरह की विभाजनकारी और राजनीतिक पोस्ट नहीं लिखी जाती थीं और जहां पार्क में मौजूद पड़ोसियों और बच्चों को खतरे के रूप में नहीं देखा जाता था।

इस प्रतिक्रिया के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।



एक यूजर ने गोंजालेस को जवाब देते हुए लिखा कि आप नफरत में पूरी तरह खो चुकी हैं और कहा कि प्रवासी परिवारों के बच्चे मुख्य रूप से अंग्रेजी बोलते हैं। उसने अंत में लिखा कि यह मेरा देश भी है।

एक अन्य यूजर ने सेठी को जवाब देते हुए उनके खिलाफ इस्तेमाल की गई नफरत भरी भाषा की आलोचना की लेकिन कहा कि इमिग्रेशन से जुड़ी चिंताओं को भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

उसने लिखा कि लोग आमतौर पर कानूनी तरीके से आने वाले प्रवासियों का समर्थन करते हैं और सिर्फ अलग भाषा बोलने का मतलब यह नहीं है कि कोई खतरा है। साथ ही उसने जनसंख्या बदलाव और भाषा से जुड़ी चुनौतियों को भी कुछ लोगों की चिंता बताया।

आपको बताएं कि इमिग्रेशन वकील रह चुकीं सेठी टेक्सास की सक्रिय डेमोक्रेटिक इकाइयों में से एक का नेतृत्व भी कर चुकी हैं। वह अपने अभियान में नागरिक अधिकार, सार्वजनिक शिक्षा और सामुदायिक मुद्दों पर ध्यान दे रही हैं।

गोंजालेस हाल ही में भारतीय पेशेवरों और एच-1बी वीजा कार्यक्रम की आलोचना वाले पोस्ट के कारण वायरल हुई हैं। एक अन्य मामले में उन्होंने भारतीय मूल के नवीन तुम्मला पर एच-1बी-एच4 घोटाला चलाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि उनका वीजा एक कंपनी द्वारा प्रायोजित था जबकि वह खुद को डलास-फोर्ट वर्थ क्षेत्र में फूड ट्रक व्यवसाय का मालिक बताते हैं।

प्लानो और फ्रिस्को जैसे शहरों में पिछले दशक में भारतीय मूल की आबादी में तेजी से वृद्धि हुई है। मई 2025 में प्यू रिसर्च सेंटर के एक अध्ययन के अनुसार टेक्सास में लगभग 5.7 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं जो अमेरिका में सबसे बड़ी आबादियों में से एक है।

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