USCIS का लोगो। / USCIS
यूनाइटेड स्टेट्स सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) ने 21 मई, 2026 को एक अहम नई पॉलिसी मेमोरेंडम जारी किया। इसमें इस बात पर जोर दिया गया कि अमेरिका के अंदर से ग्रीन कार्ड के लिए अप्लाई करना (एडजस्टमेंट ऑफ स्टेटस या AOS) एक ऐसी सुविधा है जो अधिकारी की मर्जी पर निर्भर करती है और इसे प्रशासनिक उदारता के तहत एक असाधारण कदम के तौर पर दिया जाना चाहिए।
अमेरिकन कम्युनिटी मीडिया की ब्रीफिंग में शामिल पैनलिस्ट ने बताया कि यह पॉलिसी रोजगार-आधारित, परिवार-आधारित, पैरोल-आधारित और अन्य एडजस्टमेंट आवेदकों को कैसे प्रभावित कर सकती है। USCIS के प्रवक्ता जैक काहलर ने एक प्रेस बयान में कहा कि उनकी एजेंसी कानून के उस मकसद को फिर से अपना रही है जिसके तहत यह पक्का किया जा सके कि विदेशी नागरिक हमारे देश की इमिग्रेशन प्रक्रिया का सही तरीके से पालन करें। अब से, जो विदेशी नागरिक अस्थायी रूप से अमेरिका में हैं और ग्रीन कार्ड चाहते हैं, उन्हें अप्लाई करने के लिए अपने देश वापस जाना होगा, सिवाय असाधारण परिस्थितियों के।
काहलर ने कहा कि गैर-आप्रवासी (nonimmigrants), जैसे छात्र, अस्थायी कर्मचारी या टूरिस्ट वीजा पर आए लोग, थोड़े समय और किसी खास मकसद से अमेरिका आते हैं। हमारा सिस्टम इस तरह बनाया गया है कि उनकी यात्रा खत्म होने पर वे वापस चले जाएं। उनकी यात्रा ग्रीन कार्ड प्रक्रिया के पहले कदम के तौर पर काम नहीं करनी चाहिए।
अमेरिकन इमिग्रेशन लॉयर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट जेफ जोसेफ ने कहा कि उनका संगठन ऐसे लोगों (वादी) की तलाश कर रहा है जिन्हें इस नई पॉलिसी से नुकसान हो सकता है। लिहाजा इन आवेदकों की अधिक सख्ती से जांच होगी...
आवेदकों के लिए इसका मतलब
तकनीकी रूप से योग्य होने पर भी USCIS मामलों को नामंजूर कर सकता है। USCIS ने संकेत दिया है कि AOS आवेदनों को मंजूरी देने के लिए अधिकारियों के वास्ते सिर्फ़ कम से कम कानूनी जरूरतों को पूरा करना काफी नहीं हो सकता। साथ ही, यह भी साफ किया गया है कि विदेशी नागरिकों को यह साबित करना होगा कि प्रशासनिक अधिकार का इस्तेमाल उनके पक्ष में क्यों किया जाना चाहिए। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे इस अधिकार का इस्तेमाल करते समय सभी परिस्थितियों पर गौर करें।
इमिग्रेशन हिस्ट्री पर ज्यादा ध्यान
USCIS अधिकारियों को इन चीजों की बारीकी से समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है...
कॉन्सुलर प्रोसेसिंग अझिक अहम हो सकती है
यह मेमो विदेशों में अमेरिकी दूतावासों (कॉन्सुलेट) के जरिए पारंपरिक आप्रवासी वीजा प्रक्रिया का पुरजोर समर्थन करता है। USCIS इस बात पर ज्यादा सवाल उठा सकता है कि आवेदक कॉन्सुलर प्रोसेसिंग के बजाय अमेरिका के अंदर से ही स्थायी निवास (परमानेंट रेजिडेंस) क्यों मांग रहे हैं।
पैरोल प्रोग्राम की ज्यादा जांच-पड़ताल हो सकती है
जो आवेदक मानवीय या सार्वजनिक लाभ वाले पैरोल प्रोग्राम के जरिए आए हैं, उनकी इस बात के लिए अतिरिक्त जांच हो सकती है कि क्या उनका स्टेटस बदलना (एडजस्टमेंट ऑफ स्टेटस) सही है या नहीं।
'डुअल इंटेंट' (दोहरे इरादे) वाली कैटेगरी अब भी सुरक्षित हैं, लेकिन सिर्फ 'डुअल इंटेंट' का स्टेटस बनाए रखने से ही फ़ैसले में आपके पक्ष में निर्णय की गारंटी नहीं मिलती। USCIS ने पुष्टि की है कि 'एडजस्टमेंट' (स्टेटस बदलने) के लिए आवेदन करना, H-1B या L-1 जैसी मान्यता प्राप्त "डुअल इंटेंट" वीजा कैटेगरी में कानूनी स्टेटस बनाए रखने के विपरीत नहीं है। हालांकि, सिर्फ वैध 'डुअल इंटेंट' स्टेटस बनाए रखने से AOS (स्टेटस एडजस्टमेंट) आवेदन को मंजूरी मिलने में आपके पक्ष में निर्णय की गारंटी नहीं मिलती। USCIS अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सभी सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओं पर विचार करें, जिनमें पारिवारिक संबंध, इमिग्रेशन स्टेटस और इतिहास, विदेशी नागरिक का नैतिक चरित्र और कोई अन्य प्रासंगिक कारक शामिल हैं।
व्यावहारिक बातें और जोखिम
इस मेमो के साथ, स्टेटस एडजस्टमेंट के लिए आवेदन करने वाले एम्प्लॉयर और विदेशी नागरिकों को इन बातों के लिए तैयार रहना चाहिए:
एम्प्लॉयर और व्यक्तियों के लिए सुझाए गए कदम
व्यक्तियों के लिए
एम्प्लॉयर के लिए
एडजस्टमेंट आवेदन दाखिल करने से पहले व्यक्तिगत कानूनी समीक्षा करवाएं।
मानवीय आधार, पारिवारिक संबंधों और सकारात्मक विवेकपूर्ण कारकों का समर्थन करने वाले सबूत तैयार करें।
रणनीतिक विचार
यह मेमो एक व्यापक नीतिगत बदलाव को दर्शाता है:
विवेक के आधार पर सख्त निर्णय,
इमिग्रेशन नियमों के पालन पर ज़्यादा ज़ोर, और
पसंदीदा इमिग्रेशन रास्ते के रूप में कांसुलर प्रोसेसिंग की बहाली।
हालांकि यह मेमो कोई नया कानून नहीं बनाता है, लेकिन यह निर्णय लेने वालों को एक ढांचा प्रदान करता है जिससे एडजस्टमेंट मामलों में विवेक के आधार पर ज़्यादा सख्त अस्वीकृतियां हो सकती हैं। एम्प्लॉयर और आवेदकों को उम्मीद करनी चाहिए कि USCIS अधिकारी भविष्य में ज़्यादा विस्तृत विवेकपूर्ण समीक्षा करेंगे।
माइग्रेशन पॉलिसी इंस्टीट्यूट में U.S. इमिग्रेशन पॉलिसी प्रोग्राम की एसोसिएट डायरेक्टर जूलिया गेलाट ने कहा, "अगर लोगों को अतिरिक्त प्रोसेसिंग चरणों से गुज़रना पड़ता है, तो वे महीनों तक अमेरिका के बाहर फंसे रह सकते हैं।" "यह बहुत महंगा पड़ सकता है। इससे उनकी नौकरी खतरे में पड़ सकती है और उन्हें अमेरिका में अपने परिवार वालों से लंबे समय तक दूर रहना पड़ सकता है।"
अन्य खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें न्यू इंडिया अब्रॉड
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login