रॉयल सेलीब्रेशन / image provided
मोरक्को में किसी महल के गार्ड की तस्वीर लेना आपको मुसीबत में डाल सकता है। मस्जिद, महल या मदरसे (धार्मिक विद्यालय) जैसी भव्य इमारतों को पर्यटक केवल दरवाज़ों की दरारों से ही झांककर देख पाते हैं। इनके भीतर प्रवेश करना सख्त मना है। लेकिन माराकेश में एक ऐसा शाही महल है, जहां मेहमान न सिर्फ भीतर जा सकते हैं, बल्कि शाही अंदाज़ में ठहर भी सकते हैं। यह महल ओबेरॉय समूह ने बनाया है, जहां हाल ही में शार्क टैंक स्टार रोहन ओजा के भारत (विवाह समारोह) के मेहमान ठहरे।
ओबेरॉय का शाही महल, माराकेश में
ओबेरॉय समूह द्वारा माराकेश में निर्मित यह भव्य महल दस वर्षों की मेहनत का नतीजा है। 14वीं सदी के मेदरसा बेन यूसुफ से प्रेरित इस होटल को एक-एक ईंट और एक-एक टाइल जोड़कर यहीं बनाया गया है। होटल के रूम डिवीजन मैनेजर के अनुसार, “सिर्फ रिसेप्शन हॉल का नक्काशीदार देवदार लकड़ी का गुंबद तैयार करने में ही दो साल लगे।”
लगभग 19.6 फीट ऊंची, नक्काशीदार प्लास्टर दीवारों पर टिका यह गुंबद बारीक और भव्य कारीगरी का उदाहरण है। चौड़े मोज़ेक टाइल वाले गलियारे बीचों-बीच बने जलाशय वाले शाही आंगन को घेरे हुए हैं। एटलस पर्वतों की देवदार लकड़ी से बने छज्जों पर पन्ने जैसे चमकते हरे टाइल्स, टेराकोटा नक्काशी, मेहराबदार खिड़कियों वाली उजली दीवारें और पीले झूमर ताजमहल जैसी भव्यता का एहसास कराते हैं।
भारतीय शादियों के लिए परफेक्ट पैलेस
ओबेरॉय, माराकेश भारतीय शादियों के लिए एकदम उपयुक्त है। यहां मेहमानों के लिए 84 डीलक्स विला उपलब्ध हैं। होटल मैनेजर अर्जुन कृष्णन बताते हैं, “विलाएं इतनी बड़ी हैं कि उनमें अतिरिक्त बेड भी लगाए जा सकते हैं।” भारतीय शादियों में अक्सर पूरा होटल बुक कर लिया जाता है।
दूल्हा-दुल्हन के माता-पिता के लिए प्रेसिडेंशियल विला और रॉयल सुइट, जबकि कपल के लिए सबसे ऊपर स्थित भव्य रॉयल विला है, जहां से 82 एकड़ के जैतून के बाग और चारों ओर फैले एटलस पर्वतों का मनोरम दृश्य दिखता है। होटल के झरने से निकलती गुलाबों से सजी जलधारा सीधे इस बाग तक जाती है।
सेल्स कोऑर्डिनेटर अलाआ बताती हैं, “हम जलधारा के बीच एक मंच बनाते हैं, जहां दूल्हा-दुल्हन फूलों की मेहराब के नीचे बैठते हैं। सामने बैंड और डांस फ्लोर होता है, जबकि मेहमान दोनों ओर घास के किनारों पर बैठते हैं। यह नज़ारा बेहद शानदार होता है।”
तस्वीर / image providedथैंक्सगिविंग में माराकेश का मौसम
नवंबर के आखिरी सप्ताह में माराकेश का मौसम बेहद सुहावना होता है। गर्मी जा चुकी होती है और सर्दी अभी आई नहीं होती। दिन के समारोह और गार्डन पार्टी के लिए यह समय आदर्श माना जाता है। थैंक्सगिविंग के दौरान यूरोप से पर्यटक भी कम आते हैं, जिससे शहर और भी खास हो जाता है।
दोस्ती से सगाई तक का सफर
रोशन मारवाह ने अपने 30वें जन्मदिन पर दोस्तों और परिवार के साथ माराकेश में एक खास जश्न की योजना बनाई। इस ग्रुप का नाम था — “ड्यूड, व्हेयर इज़ माई कैमल”। अमेरिका के अलग-अलग हिस्सों से आए मेहमानों का एयरपोर्ट पर स्वागत उसी नाम की तख्ती के साथ किया गया।
पहली रात निजी मसाज, हम्माम स्नान और पारंपरिक मोरक्कन भोजन के साथ शुरू हुई। अग्नि नर्तक की प्रस्तुति के बीच दोस्त बीयर-पोंग खेलते नजर आए। अगली रात आग और बेली डांसर्स के बीच अचानक हुआ शादी का प्रस्ताव जिंदगी भर की याद बन गया। जन्मदिन की पार्टी सगाई समारोह में बदल गई। दोनों मांओं की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।
मौज-मस्ती से भरा एक हफ्ता
हर सुबह एक नई गतिविधि तय थी — हॉट एयर बैलून राइड, एटीवी और ऊंट सफारी, मदीना की गलियों में घूमना और मोलभाव सीखना। हर मोड़ पर ताजा अनार का रस, हर भोजन में टैजीन और कुसकुस जैसे व्यंजन परोसे गए।
इतिहास के पन्नों में झांकते हुए यात्रियों ने जाना कि कैसे सदियों पहले भारत के मसाले, कपड़ा और रत्न अफ्रीका तक पहुंचे और मोरक्को से सोना, चमड़ा और नमक व्यापार के जरिये दुनिया भर में गया।
सहारा की रेत में सुनहरी शाम
माराकेश से आठ घंटे की यात्रा के बाद समूह मेरज़ूगा रेगिस्तान पहुंचा। रास्ते में यूनेस्को विश्व धरोहर ऐत बेनहद्दू, तेलूएट और औआरज़ाज़ेट के क़स्बे तथा विश्व के सबसे बड़े फिल्म स्टूडियो एटलस स्टूडियोज़ आए। सहारा की रेत पर ऊंटों की कतार, सूर्यास्त की सुनहरी रोशनी और रात में बर्बर संगीत ने माहौल को जादुई बना दिया। सुबह की रोशनी में टीलों का बदलता रंग और तारों भरी रातें जीवन भर की याद बन गईं।
मोरक्को सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि इंद्रियों का उत्सव है — जहां नीले मोज़ेक और लाल रेगिस्तान एक ही तश्तरी में स्वाद बन जाते हैं।
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