ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

संकल्प: बर्फीले तूफान के बीच भी मरीजों के लिए डटी रहीं भारतीय मूल की छात्रा

नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी में बिहेवियरल न्यूरोसाइंस और प्री-मेड की चौथे वर्ष की छात्रा अन्या टंडन ने बताया कि स्वास्थ्य सेवा से जुड़े लोगों के लिए यह जरूरी है कि वे खतरनाक मौसम में भी डटे रहें।

अन्या टंडन / Northeastern University

अमेरिका के पूर्वी तट पर 23 फरवरी को आए भीषण बर्फीले तूफान (ब्लिज़र्ड) ने जहां आम जनजीवन ठप कर दिया, वहीं स्वास्थ्यकर्मियों के लिए यह अपनी प्रतिबद्धता साबित करने की परीक्षा बन गया। भारतीय मूल की छात्रा और बोस्टन चिल्ड्रन हॉस्पिटल में कार्यरत क्लिनिकल असिस्टेंट अन्या टंडन ने इस चुनौती को बखूबी पार किया।

यह भी पढ़ें- हरियाणा में UK सरकार का 'वीजा फ्रॉड से बचे' अभियान शुरू, जानें- कैसे करता है काम

मरीजों के लिए संकल्प
नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी में बिहेवियरल न्यूरोसाइंस और प्री-मेड की चौथे वर्ष की छात्रा अन्या टंडन ने बताया कि स्वास्थ्य सेवा से जुड़े लोगों के लिए यह जरूरी है कि वे खतरनाक मौसम में भी डटे रहें। उन्होंने कहा, "हमें ड्यूटी पर पहुंचना ही होता है, ताकि हम दूसरों की देखभाल कर सकें और लोगों की मदद कर सकें जब वे अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहे हों। खराब मौसम को पार करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन काम पर पहुंचना एक बड़ा फर्क लाता है, जो दूसरों के लिए जीवन रक्षक साबित हो सकता है।"

This post is for paying subscribers only

SUBSCRIBE NOW

Comments

Related