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फुटबॉल से लेकर चांद तक: 2026 में दुनिया की दिशा तय करने वाले 5 बड़े घटनाक्रम

2026 ऐसा साल हो सकता है जो जलवायु, राजनीति, खेल और अंतरिक्ष चारों दिशाओं में दुनिया की आगे की राह तय कर दे।

प्रतीकात्मक तस्वीर / pexels

साल 2026 दुनिया के लिए कई मायनों में बेहद अहम होने जा रहा है। एक तरफ जलवायु संकट और वैश्विक राजनीति की बड़ी कसौटी होगी, तो दूसरी ओर फुटबॉल वर्ल्ड कप जैसे महाआयोजन और चांद तक इंसानों की वापसी की तैयारी। अमेरिका में सत्ता संतुलन की जंग से लेकर पश्चिम एशिया की अनिश्चित शांति तक, 2026 कई बड़े सवालों के जवाब लेकर आ सकता है। आइए जानते हैं उन पांच बड़ी घटनाओं के बारे में, जिन पर 2026 में पूरी दुनिया की नजर रहेगी।

जलवायु संकट: क्या दुनिया ठोस कदम उठाएगी?
धरती पहले ही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी झेल रही है और 2026 में हालात और गंभीर हो सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक 2029 तक कम से कम एक साल के अब तक का सबसे गर्म साल बनने की 80 प्रतिशत आशंका है।

हाल ही में ब्राजील में हुए COP30 ने यह संकेत दिया कि अमेरिका के बहिष्कार और भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद बहुपक्षीय जलवायु सहयोग पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
क्लाइमेट एक्शन नेटवर्क की रेबेका थिसन का कहना है, “2026 वह साल होना चाहिए, जब अंतरराष्ट्रीय जलवायु कूटनीति खुद को नए सिरे से गढ़े।”

अप्रैल 2026 में कोलंबिया द्वारा जीवाश्म ईंधन को चरणबद्ध तरीके से खत्म करने पर होने वाले पहले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कितने देश शामिल होते हैं, इस पर भी सबकी नजर होगी। विशेषज्ञ यह भी देख रहे हैं कि क्या जेनरेशन-Z के नेतृत्व में उभर रहे वैश्विक आंदोलनों का रुख 2026 में जलवायु कार्रवाई की ओर और मजबूत होगा।

इतिहास का सबसे बड़ा फुटबॉल वर्ल्ड कप
2026 का फुटबॉल वर्ल्ड कप अब तक का सबसे बड़ा टूर्नामेंट होगा, जिसमें 48 टीमें हिस्सा लेंगी। यह महाकुंभ अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में 11 जून से 19 जुलाई तक लगभग छह हफ्तों तक चलेगा। 16 में से 11 स्टेडियम अमेरिका में होंगे और टूर्नामेंट उस समय होगा, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प वैश्विक राजनीति में केंद्र में होंगे।

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ट्रम्प के मेजबान देशों के साथ टैरिफ और इमिग्रेशन को लेकर तनाव के कारण टूर्नामेंट का माहौल राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील हो सकता है।

मैदान पर फ्रांस की मजबूत टीम, किलियन एम्बाप्पे की अगुआई में 2022 के फाइनल में मिली हार का बदला लेना चाहेगी। वहीं स्पेन भी खिताब का प्रबल दावेदार है।
41 साल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने साफ किया है कि यह उनका आखिरी वर्ल्ड कप होगा और वह पुर्तगाल को पहला विश्व खिताब दिलाकर विदा लेना चाहते हैं। केप वर्डे, उज्बेकिस्तान और कुराकाओ जैसे देश पहली बार वर्ल्ड कप में नजर आएंगे। हालांकि, फीफा की डायनामिक टिकट प्राइसिंग के चलते फैंस को महंगे टिकटों का सामना करना पड़ सकता है।

गाजा, इजरायल और नेतन्याहू का भविष्य
दो साल के युद्ध के बाद 10 अक्टूबर से इजरायल और हमास के बीच लागू हुआ संघर्षविराम बेहद नाजुक बना हुआ है। अमेरिकी दबाव में बनी इस शांति व्यवस्था के बावजूद गाजा के भविष्य, इजरायली सेना की वापसी, पुनर्निर्माण और शासन को लेकर कई सवाल अनसुलझे हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा ट्रम्प की शांति योजना को समर्थन देने के बाद गाजा में अंतरराष्ट्रीय बल की तैनाती का रास्ता खुला है, लेकिन न इजरायल और न ही हमास इसे पूरी तरह स्वीकार करना चाहते हैं।

76 वर्षीय प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, जिनकी गठबंधन सरकार संसद में बेहद कमजोर स्थिति में है, नवंबर 2026 से पहले होने वाले चुनाव में फिर उतरने की तैयारी में हैं। राजनीतिक दबाव में वह गाजा या लेबनान में सैन्य कार्रवाई का रास्ता चुन सकते हैं — जब तक कि ट्रम्प उन्हें कोई बड़ा कूटनीतिक ‘इनाम’ न दे दें, जैसे सऊदी अरब के साथ इजरायल के रिश्तों का सामान्यीकरण।

अमेरिकी कांग्रेस पर किसका कब्जा?
2026 के अमेरिकी मिडटर्म चुनाव डोनाल्ड ट्रम्प के लिए बेहद निर्णायक होंगे। भले ही वह खुद चुनाव नहीं लड़ रहे हों, लेकिन रिपब्लिकन पार्टी की मजबूत जीत उनके राजनीतिक प्रभाव को और पुख्ता करेगी।

फिलहाल रिपब्लिकन पार्टी के पास हाउस और सीनेट दोनों में बेहद मामूली बहुमत है। मिशिगन, नॉर्थ कैरोलिना और ओहायो जैसे स्विंग स्टेट्स में नतीजे निर्णायक होंगे। डेमोक्रेट्स को उम्मीद है कि वे हाउस पर कब्जा कर सकते हैं और सीनेट में चार सीटें जीतकर सत्ता संतुलन बदल सकते हैं। यह चुनाव सिर्फ कांग्रेस के लिए नहीं, बल्कि ट्रम्प की नीतियों, अर्थव्यवस्था और अमेरिकी लोकतंत्र की दिशा पर जनमत संग्रह जैसा होगा।

चांद के चारों ओर इंसान: अंतरिक्ष की नई दौड़
2026 वह साल हो सकता है, जब इंसान एक बार फिर चांद के करीब पहुंचे। नासा का Artemis-2 मिशन, जिसमें अंतरिक्ष यात्री चांद की परिक्रमा करेंगे, अप्रैल 2026 तक लॉन्च होने की संभावना है। यह मिशन अमेरिका के दोबारा चंद्रमा पर उतरने की दिशा में अहम कदम होगा — एक लक्ष्य जिसकी घोषणा ट्रम्प ने अपने पहले कार्यकाल में की थी।

चीन भी पीछे नहीं है। उसका Chang’e-7 मिशन 2026 में चांद के दक्षिणी ध्रुव की खोज करेगा और मानव मिशन के लिए तैयारियां तेज होंगी। भारत, जिसने 2023 में चांद पर रोवर उतारा था, अब 2027 में अंतरिक्ष यात्री को कक्षा में भेजने की योजना बना रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि चांद भविष्य में मंगल यात्रा का अहम पड़ाव बनेगा, जहां बेस, ऊर्जा स्रोत और डीप स्पेस में रहने की तकनीकें विकसित की जाएंगी।

 

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