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मुंबई में होने वाला WAVES 2025 एक सांस्कृतिक सेतु: फिल्ममेकर त्रिलोक मलिक

वेव्स 2025 में 1 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। 750 टॉप क्रिएटर्स इसमें हिस्सा लेने वाले हैं।

 त्रिलोक मलिक न्यूयॉर्क में रहने वाले एमी नॉमिनेटेड भारतीय-अमेरिकी फिल्ममेकर हैं।  त्रिलोक मलिक न्यूयॉर्क में रहने वाले एमी नॉमिनेटेड भारतीय-अमेरिकी फिल्ममेकर हैं। / Image Provided

भारत के मुंबई में होने वाले पहले वर्ल्ड ऑडियो विजुअल एंड एंटरटेनमेंट समिट (WAVES- 2025) को लेकर ग्लोबल क्रिएटिव कम्युनिटी में काफी उत्साह है। न्यूयॉर्क स्थित एमी नॉमिनेटेड भारतीय-अमेरिकी फिल्ममेकर त्रिलोक मलिक भी इनमें शामिल हैं जो भारत की सांस्कृतिक विरासत के गर्वित राजदूत और वेलनेस एडवोकेट भी हैं।

त्रिलोक मलिक की फिल्में भारतीय डायस्पोरा और मातृभूमि के बीच सेतु की तरह हैं। वह कहते हैं कि WAVES 2025 भारत को ग्लोबल क्रिएटिव सुपरपावर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।  

मलिक ने कहा कि यह कोई सामान्य इवेंट नहीं है। यह एक दूरदर्शी प्लेटफॉर्म है जो मीडिया, स्टोरी टेलिंग और सॉफ्ट पावर के भविष्य में भारत की ऊंची छलांग को दर्शाता है। 

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मलिक भारत के केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव की तरह ही WAVES को क्रिएटर्स के लिए दावोस बताते हैं। उनका कहना है कि जिस तरह दावोस ग्लोबल इकोनॉमिक पॉलिसी को दिशा देता है, उसी तरह WAVES 2025 क्रिएटिव पॉलिसी, कोलैबोरेशन और क्रॉस बॉर्डर कॉमर्स को आकार दे सकता है।  

वेव्स 2025 में 1 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। 750 टॉप क्रिएटर्स इसमें हिस्सा लेने वाले हैं। मलिक का कहना है कि दुनिया अब न सिर्फ भारत की कलात्मक प्रतिभा की गहराई देखेगी बल्कि उसके नए क्रिएटिव इकोनॉमी मॉडल की ताकत भी देखेगी।  

उन्होंने आगे कहा कि यह इंडिया 2.0 है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हमारे क्रिएटर्स में अटूट विश्वास की सराहना करता हूं। वह समझते हैं कि आज असली नेतृत्व सिर्फ राजनीति या अर्थव्यवस्था में नहीं बल्कि संस्कृति, स्टोरी टेलिंग और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में है। वे क्रिएटर्स को ग्लोबल कन्वर्सेशन में जगह दे रहे हैं। 

पश्चिम में भारतीय संस्कृति और मूल्यों के प्रचारक रहे मलिक वेव्स 2025 को एक सांस्कृतिक सेतु मानते हैं। यह ऐसा इकोसिस्टम है जहां फिल्ममेकर्स, आर्टिस्ट, टेक इनोवेटर्स, बायर्स और दर्शक एक साथ आएंगे। 

उन्होंने कहा कि यह समिट दुनिया को दिखाता है कि भारत अब सिर्फ कंटेंट कंज्यूम नहीं कर रहा बल्कि क्रिएट भी कर रहा है, बेच रहा है, एक्सपोर्ट कर रहा है और ग्लोबल ट्रेंड्स सेट कर रहा है। वेव्स उन्हें सिर्फ एक प्लेटफॉर्म नहीं बल्कि एक भविष्य दे रहा है।

वेलनेस, स्टोरी टेलिंग और भारत की सांस्कृतिक पहचान को जोड़ने के अपने मिशन के प्रति समर्पित मलिक वेव्स को एक आदर्श लॉन्चपैड मानते हैं। उन्होंने कहा कि हम सिर्फ कहानियां नहीं सुना रहे। हम एक नए भारत का नैरेटिव गढ़ रहे हैं। एक ऐसा भारत जो आत्मविश्वासी है, क्रिएटिव है और वैश्विक स्तर पर सम्मानित है।

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