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अशोक व्यास के रहस्यमयी हिंदी नाटकों ने एडिसन में दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया

यह पूरा आयोजन मंच पर पूरा नाटक दिखाने के बजाय नाटकों के नाट्य-पाठ यानी ड्रामेटिक रीडिंग के रूप में हुआ।

 कार्यक्रम में उपस्थित लोग फोटो के लिए पोज देते हुए कार्यक्रम में उपस्थित लोग फोटो के लिए पोज देते हुए / Heramba Art and Culture Center

हेरंबा आर्ट एंड कल्चर सेंटर ने प्रयोग नाट्य संस्था के साथ मिलकर न्यू जर्सी के एडिसन में बियॉन्ड अंडरस्टैंडिंग नाम से हिंदी नाटकों का एक विशेष नाट्य-पाठ कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम की मेजबानी अभिषेक मिश्रा ने अपने घर पर टेंट लगाकर की। 

यह पूरा आयोजन मंच पर पूरा नाटक दिखाने के बजाय नाटकों के नाट्य-पाठ यानी ड्रामेटिक रीडिंग के रूप में हुआ। इसके बाद दर्शकों के साथ सवाल-जवाब का एक संवाद सत्र भी रखा गया। इस कार्यक्रम में तीन नाटक पढ़े गए और तीनों नाटक न्यूयॉर्क के कवि, हिंदू पुजारी, टीवी होस्ट और यूट्यूब चैनल हेरंबास्टूडियो के निर्माता अशोक व्यास द्वारा लिखे गए थे।

पहला नाटक था 'अज्ञात का भय'। यह कहानी एक ऐसे व्यक्ति की है जो जीवन से निराश हो चुका है, उसे सब कुछ अर्थहीन लगता है और उसके मन में आत्महत्या जैसे विचार आते हैं। मिश्रा परिवार के घर की एक यात्रा और वहां घटने वाली कुछ रहस्यमयी घटनाएं उसकी सोच बदल देती हैं और उसके भीतर फिर से उम्मीद जगती है। 

यह नाटक संयोग और ईश्वरीय कृपा के बीच की सीमा को समझने की कोशिश करता है। अभिषेक मिश्रा और नमिता मिश्रा ने अन्य कलाकारों के साथ मिलकर इस नाटक का पाठ किया।

दूसरा नाटक था 'मिस्टिकल चाय'। यह सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के दौर में आधारित एक आध्यात्मिक रहस्य कहानी है। इसका केंद्र न्यू जर्सी का एक युवा है जो मां देवी का भक्त है। यह नाटक सत्य, विश्वास और असंभव लगने वाली बातों की प्रकृति पर सवाल उठाता है।

कार्यक्रम का अंतिम नाटक था 'चीफ कंट्रोलर'। यह कहानी आस्था, ईश्वरीय सुरक्षा और आधुनिक एआई व तकनीक के मानव विश्वास पर प्रभाव के इर्द-गिर्द घूमती है। इसमें टेक कंपनी के संस्थापक दिखाए गए हैं जिनमें से एक का विश्वास है कि राजस्थान के लोक देवता गाला भोमिया जी उसकी रक्षा करते हैं। यह कार्यक्रम न्यूयॉर्क स्थित हेरंबा आर्ट एंड कल्चर सेंटर के सॉफ्ट लॉन्च के रूप में भी देखा गया।

आपको बताएं कि यह संस्था हेरंबास्टूडियो के माध्यम से धर्म, अध्यात्म और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर काम करती रही है। अभिषेक मिश्रा ने कार्यक्रम में आए मेहमानों का स्वागत किया, जिनमें कई लोग हिंदी भाषा के प्रेमी थे। अमीया मेहता ने न्यू जर्सी की प्रयोग नाट्य संस्था की यात्रा के बारे में जानकारी साझा की।

ओरेटर अकादमी की संस्थापक विनीता खन्ना ने संत कबीर को समर्पित एक भजन और एक ग़ज़ल प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में कई प्रमुख सामुदायिक लोग भी शामिल हुए।

इनमें ए लोटस इन द मड डॉट कॉम के संस्थापक परवीन चोपड़ा, योग विशेषज्ञ विजय त्रिवेदी, विश्व हिंदी न्यास के प्रदीप अग्रवाल, हिंदी यूएसए के राज मित्तल, जीआईसीए हनुमान मंदिर के संस्थापक डॉ. ओम शर्मा, और युवा हिंदी संस्थान के कार्यक्रम निदेशक अशोक ओझा शामिल थे।

कार्यक्रम के अंत में नमिता मिश्रा ने नाटककार अशोक व्यास, निर्देशक, सभी कलाकारों और दर्शकों का धन्यवाद किया और इस आयोजन को यादगार बनाने के लिए आभार जताया। कई मेहमानों ने इस अवसर पर मिश्रा परिवार के घर का भी दौरा किया और वहां मौजूद उन विशेष निशानों को देखा, जिन्हें कई लोगों ने ईश्वरीय छाप बताया।

इस अनुभव ने बियॉन्ड अंडरस्टैंडिंग विषय को लोगों के लिए और भी व्यक्तिगत और गहरा बना दिया।
 

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