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अटलांटा के अपने पहले फंडरेजर गाला में VOSAP ने जुटाए 1.5 लाख डॉलर

VOSAP के संस्थापक उषा देसाई और प्रणव देसाई ने कार्यक्रम को संबोधित किया था। उषा देसाई ने कहा कि 25 साल बाद अटलांटा लौटकर और इतने लोगों को इस मिशन के साथ जुड़ा देखकर उन्हें बहुत खुशी और ऊर्जा मिली।

कार्यक्रम डुलुथ स्थित शेफ दिनेश कैफे में में आयोजित हुआ था जिसका विषय 'एम्पावरिंग एबिलिटी: वोसैप गाला – चैप्टर अटलांटा' था / VOSAP

VOSAP यानी वॉयस ऑफ स्पेशली एबल्ड पीपल (Voice of Specially Abled People) ने 26 अप्रैल को अटलांटा में अपना पहला फंडरेजर गाला आयोजित किया जिसमें दिव्यांगजनों के अधिकार और समावेशन पर जोर दिया गया। इस कार्यक्रम में करीब 150 लोग शामिल हुए और एक ही शाम में 1,50,000 डॉलर से ज्यादा की राशि जुटाई गई।

यह कार्यक्रम डुलुथ स्थित शेफ दिनेश कैफे में में आयोजित हुआ था जिसका विषय 'एम्पावरिंग एबिलिटी: वोसैप गाला – चैप्टर अटलांटा' था। इस कार्यक्रम में सामुदायिक नेता, डॉक्टर, समाजसेवी और कई लोग शामिल हुए। 

VOSAP के संस्थापक उषा देसाई और प्रणव देसाई ने कार्यक्रम को संबोधित किया था। उषा देसाई ने कहा कि 25 साल बाद अटलांटा लौटकर और इतने लोगों को इस मिशन के साथ जुड़ा देखकर उन्हें बहुत खुशी और ऊर्जा मिली।

कार्यक्रम में गायक और वोसैप एंबेसडर स्पर्श शाह ने प्रस्तुति दी / VOSAP

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. जगदीश शेट और मधु शेट थे। डॉ. जगदीश शेट ने अपने जीवन के अनुभव साझा किए, जिसमें बर्मा से प्रवास और बाद में समाजसेवा में उनका योगदान शामिल है। उन्होंने कहा कि दान और सहयोग गैर-लाभकारी कार्यों को आगे बढ़ाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनकी संस्था इस समय 60 से ज्यादा गैर-लाभकारी संगठनों का समर्थन कर रही है।

कार्यक्रम में गायक और वोसैप एंबेसडर स्पर्श शाह ने प्रस्तुति दी। आपको बता दें कि स्पर्श शाह एक दुर्लभ हड्डी की बीमारी ऑस्टियोजेनेसिस इम्परफेक्टा से पीड़ित हैं। उनकी प्रस्तुति कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही और दर्शकों ने उसे खूब सराहा।

अटलांटा चैप्टर की ओर से इस कार्यक्रम की स्थानीय तैयारियां निमिष सेवक और पारुल सेवक ने संभाली। आयोजकों ने बताया कि पिछले दो महीनों से किए गए प्रयासों से इस कार्यक्रम की सफलता में मदद मिली।

इसके अलावा कई सामुदायिक नेताओं जैसे मुस्तफा अजमेरी, जतिन शाह, डॉ. नरेश पारिख, डॉ. धवल शाह, डॉ. दर्शना व्यास, डॉ. समीर पारिख, अतुल भिंगारदे, मुकेश शाह और आशीष उदास ने भी इस कार्यक्रम के प्रचार और जागरूकता बढ़ाने में योगदान दिया।

कार्यक्रम में 14 से 75 साल की उम्र के 26 स्वयंसेवकों ने भी मदद की। उन्होंने आयोजन, तकनीकी सहयोग, प्रस्तुतियों और सहायक उपकरणों तथा कला प्रदर्शनी में योगदान दिया। आयोजकों के अनुसार डॉक्टरों और अन्य पेशेवरों सहित उपस्थित लोगों के दान से 1.5 लाख डॉलर से ज्यादा की राशि जुटाई जा सकी।

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