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टेक्सास में श्री श्री रविशंकर का ‘Journey Within’ मास्टरक्लास, दिया आत्मशांति का मंत्र

कार्यक्रम की शुरुआत एक वीडियो से हुई, जिसमें रविशंकर के जीवन और उनके 180 से ज्यादा देशों में किए गए मानवीय कार्यों को दिखाया गया।

श्री श्री रविशंकर / Art of living

भारतीय आध्यात्मिक गुरु और आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के संस्थापक श्री श्री रविशंकर के 'Journey Within' मास्टरक्लास ने रविवार को टोयोटा म्यूज़िक फैक्ट्री में हजारों लोगों को एक साथ जोड़ा। ध्यान और आत्मचिंतन पर आधारित इस कार्यक्रम में उत्तर टेक्सास के अलग-अलग शहरों से लोग पहुंचे। पूरा हॉल खचाखच भरा था।

कार्यक्रम की शुरुआत एक वीडियो से हुई, जिसमें रविशंकर के जीवन और उनके 180 से ज्यादा देशों में किए गए मानवीय कार्यों को दिखाया गया। इसके बाद इरविंग मेयर ऑफिस की ओर से एक प्रोक्लेमेशन जारी कर श्री श्री रविशंकर के योगदान को सम्मानित किया गया। मास्टरक्लास शुरू होने से पहले रविशंकर ने इरविंग पुलिस चीफ, फ्लावर माउंड की मेयर और कई स्थानीय नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान उपस्थित लोगों को उनकी किताब ‘The Journey Within’ की साइन की हुई कॉपी भेंट की गई और आर्ट ऑफ लिविंग के सामाजिक कार्यों पर चर्चा हुई।

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अपने संबोधन में श्री श्री रविशंकर ने कहा कि आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में तनाव (Stress) लोगों की सोच, भावनाओं और व्यवहार पर गहरा असर डाल रहा है। उन्होंने कहा, 'अगर हम तनाव को अपने ऊपर हावी होने दें, तो इसके परिणाम बेहद दुखद और खतरनाक हो सकते हैं।'

event / Art of living

उन्होंने समझाया कि ध्यान (Meditation) कोई पलायन नहीं, बल्कि जीवन में स्थिरता और मानसिक मजबूती पाने का साधन है। रविशंकर ने कहा, 'जब नकारात्मकता बाढ़ की तरह आती है, तो वह हमें बहा ले जाती है। ध्यान हमें भीतर से शांत और मजबूत बनाता है।'
उन्होंने लोगों को यह भी संदेश दिया कि 'दूसरों की गलतियों पर गुस्सा करना, खुद को सज़ा देने जैसा है। खुद को समझिए, दूसरों पर फैसला मत कीजिए।'

कार्यक्रम का सबसे प्रभावशाली पल था 27 मिनट का गाइडेड मेडिटेशन सेशन, जिसे श्री श्री रविशंकर ने खुद संचालित किया। करीब 2,500 से अधिक लोग एकदम शांत होकर ध्यान में बैठे। माहौल में सुकून और सकारात्मक ऊर्जा महसूस की जा सकती थी। कई लोगों ने बताया कि उन्होंने पहली बार ध्यान किया और उन्हें गहरी शांति और स्पष्टता का अनुभव हुआ।

रविशंकर ने यह भी बताया कि ध्यान अब दुनियाभर में पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने 21 दिसंबर को 'विश्व ध्यान दिवस (World Meditation Day)' घोषित किया है। अब ध्यान को स्कूलों, दफ्तरों और जेलों में भी अपनाया जा रहा है, जिससे लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं।

डलास के बाद श्री श्री रविशंकर की 'Journey Within' टूर अब सिएटल, पोर्टलैंड, सैक्रामेंटो और लॉस एंजेलिस जैसे शहरों में जाएगी, जहां वे ध्यान सत्रों के ज़रिए शांति और माइंडफुलनेस का संदेश देंगे।

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