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न्यू जर्सी की संस्था ने छात्रों के लिए शुरू किया क्लिनिकल एक्सपोजर प्रोग्राम

दिन भर चले इस कार्यक्रम के दौरान छात्रों को मेंटरशिप और स्वास्थ्य सेवा से जुड़े करियर के बारे में जानकारी दी गई, जिसने छात्रों को डॉक्टरों से जोड़ा।

JWPA के Teens With Stethoscopes कार्यक्रम के छात्र। / Courtesy: JWPA

न्यू जर्सी स्थित एक गैर लाभकारी संस्था, जर्सी वीमेन फिजिशियन अलायंस (JWPA) ने एक दिन का प्रोग्राम शुरू किया है, जिसके तहत हाई स्कूल के छात्रों को मेडिकल करियर का प्रैक्टिकल अनुभव दिया जाएगा। पहला  'टीन्स विद स्टेथोस्कोप्स' प्रोग्राम 21 मार्च को न्यू ब्रंसविक, न्यू जर्सी में रॉबर्ट वुड जॉनसन यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में आयोजित किया गया था। इसमें 300 से ज्यादा आवेदकों में से चुने गए 100 से ज़्यादा छात्रों ने हिस्सा लिया।

इस मुफ्त पहल का मकसद पूरे राज्य के छात्रों को हेल्थकेयर प्रोफेशन के बारे में शुरुआती जानकारी, मेंटरशिप और गहरी समझ देना था। छात्रों को 10 अलग-अलग क्लिनिकल स्टेशनों पर बारी-बारी से ले जाया गया। इन स्टेशनों में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, OB-GYN, कार्डियोलॉजी, सर्जरी, नेफ्रोलॉजी, एनेस्थीसिया, साइकियाट्री, इंटरनल मेडिसिन, पल्मोनरी और डेंटिस्ट्री जैसी खास फील्ड्स शामिल थीं।
 

JWPA के Teens With Stethoscopes कार्यक्रम के छात्र / Courtesy: JWPA

छात्रों ने हर स्टेशन पर जाकर डॉक्टरों और हेल्थकेयर वॉलंटियर्स की देखरेख में दिल की धड़कन सुनना, CPR का अभ्यास करना, मरीज़ों के केस का विश्लेषण करना और डेंटल टूल्स का इस्तेमाल करना जैसे बुनियादी क्लिनिकल कौशल सीखे।

इस प्रोग्राम में स्वागत नाश्ता, दोपहर का खाना और लैब कोट, स्टेथोस्कोप व अन्य ज़रूरी चीज़ों का वितरण भी शामिल था। अलग-अलग फील्ड्स और बैकग्राउंड के छह डॉक्टरों और एक मॉडरेटर के साथ हुई एक पैनल चर्चा में छात्रों को मेडिकल शिक्षा, तनाव प्रबंधन और रोज़मर्रा की पेशेवर ज़िम्मेदारियों के बारे में सवाल पूछने का मौका मिला।

न्यू ब्रंसविक के मेयर जिम काहिल ने सह-अध्यक्ष सुधा नाहर, समीरा मगंती, डेविड नेल्सन, सैप सिन्हा और ग्लोरिया बाचमैन के साथ मिलकर रिबन काटकर इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। काहिल ने कार्यक्रम में शामिल लोगों को संबोधित किया और सहयोगियों को पुरस्कार दिए गए।

JWPA की संस्थापक, एलाइड डाइजेस्टिव हेल्थ के एक डिवीजन, ज्ञान गैस्ट्रोएंटरोलॉजी में गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट और इस प्रोग्राम की सलाहकार समिति की सदस्य सुधा नाहर ने कहा कि यह नई पहल- टीन्स विद स्टेथोस्कोप्स, मेरे लिए खास तौर पर बहुत मायने रखती है।

JWPA के Teens With Stethoscopes कार्यक्रम के छात्र / Courtesy: JWPA

बकौल नाहर मैं ‘सीखो, कमाओ और वापस दो’ (Learn, Earn, and Return) के सिद्धांत में गहरा विश्वास रखती हूं। चिकित्सा के क्षेत्र में युवा नेताओं को तैयार करने के लिए सिर्फ़ तकनीकी प्रशिक्षण से कहीं अधिक की जरूरत होती है। इसके लिए मार्गदर्शन, चरित्र निर्माण और सेवा की भावना वाले माहौल की ज़रूरत होती है। मैंने अपनी मेडिकल यात्रा एक विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट के तौर पर ग्लोरिया बाकमैन के मार्गदर्शन में शुरू की थी, और बाद में न्यू ब्रंसविक के RWJUH से अपनी GI फेलोशिप पूरी की। अब, मेरी बेटी ने भी उसी मेडिकल स्कूल से ग्रेजुएशन किया है और मेरे साथ प्रैक्टिस में शामिल हो गई है। ऐसा लगता है कि अब उस समुदाय को कुछ वापस देने का बिल्कुल सही समय है, जिसने हमें इतना कुछ दिया है।

यह पहल छात्रों को बिना किसी शुल्क के दी गई, ताकि आर्थिक रुकावटें कम हो सकें और अधिकाधिक लोगों तक इसकी पहुंच हो सके—खास तौर पर उन लोगों के लिए जो कम प्रतिनिधित्व वाले या वंचित समुदायों से आते हैं। नाहर ने कहा, कि हम बस यह पक्का करना चाहते थे कि पूरे न्यू जर्सी में—खास तौर पर कम प्रतिनिधित्व वाले या वंचित पृष्ठभूमि से आने वाले—जो भी छात्र प्रेरित हैं, उन्हें यह अवसर मिल सके, ताकि वे स्वास्थ्य सेवा से जुड़े पेशेवरों की अगली पीढ़ी को प्रेरित कर सकें।

इस कार्यक्रम का मार्गदर्शन एक सलाहकार बोर्ड कर रहा है, जिसमें सुधा नाहर, समीरा मगंती, क्रिस्टोफर गिलिगन, ग्लोरिया बाकमैन, रचना कुलकर्णी, रश्मि आचार्य, निधि गोयल और रितु नाहर शामिल हैं। आयोजकों ने बताया कि बोर्ड ने यह सुनिश्चित किया कि सभी ज़रूरी सामग्री बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराई जाए, और कार्यक्रम को इस तरह से तैयार किया गया कि छात्रों को बीच-बीच में आराम करने और अपने मार्गदर्शकों के साथ अनौपचारिक बातचीत करने का भी समय मिल सके।

इस कार्यक्रम को ‘एलाइड डाइजेस्टिव हेल्थ’ (जो गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और हेपेटोलॉजी के क्षेत्र में काम करने वाली एक संस्था है) और ‘RWJBarnabas Health’ (जो न्यू जर्सी में स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने वाला एक बड़ा नेटवर्क है) ने प्रायोजित किया था।

JWPA की स्थापना 15 साल से भी पहले चिकित्सकों के एक छोटे से समूह ने सुधा नाहर के घर पर मिलकर की थी; आज यह संस्था 600 से भी ज़्यादा महिला चिकित्सकों के एक विशाल नेटवर्क के रूप में विकसित हो चुकी है। यह संस्था हर साल कई तरह के कार्यक्रम और सामुदायिक पहल आयोजित करती है, जिनका मुख्य उद्देश्य चिकित्सकों के बीच आपसी सहयोग और मार्गदर्शन को बढ़ावा देना होता है।

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