ईशा नचनानी / Tennessee Student Equity
भारतीय मूल की छात्रा ईशा नचनानी को सिख कोएलिशन के ‘Act to Change’ यूथ एंबेसडर प्रोग्राम के लिए चुना गया है। यह आठ महीने का लीडरशिप और ट्रेनिंग प्रोग्राम है जो एशियाई-अमेरिकी और पैसिफिक आइलैंडर मूल के हाई स्कूल छात्रों के लिए बनाया गया है।
इस प्रोग्राम के जरिए ईशा को बुलिंग के खिलाफ खड़े होने और समाज में बराबरी और समावेश बढ़ाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसमें हर महीने ऑनलाइन वर्कशॉप, अनुभवी लोगों से मार्गदर्शन और प्रैक्टिकल सीखने के मौके शामिल हैं। ईशा और अन्य एंबेसडर यह समझेंगे कि बुलिंग कैसे काम करती है और इसे कैसे रोका जा सकता है। बता दें कि ईशा, यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ नेशविले की छात्रा हैं।
इसके अलावा ईशा USN Shakti Club की संस्थापक भी हैं जिसे उन्होंने 2024 में शुरू किया था। इस क्लब का उद्देश्य छात्रों को भारतीय संस्कृति से जोड़ना है। यहां बॉलीवुड डांस, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा होती है। ईशा ने कहा कि यह एक ऐसा मंच है जहां हर बैकग्राउंड के छात्र आकर भारतीय परंपराओं, संगीत और सामाजिक मुद्दों को समझ सकते हैं।
आपको बताएं कि ‘शक्ति’ का मतलब संस्कृत में ‘सशक्तिकरण’ होता है। यह क्लब छात्रों को भारतीय संस्कृति को समझने और एक-दूसरे से सीखने का मौका देता है। यहां डांस, प्रदर्शन, चर्चा और शिक्षा से जुड़े कार्यक्रम होते हैं। ईशा की रुचि कार्डियोलॉजी में भी है। साल 2024 में उन्होंने साइंस चैंपियन अवॉर्ड जीता था जिसमें उन्होंने एआई और दिल से जुड़ी बीमारियों पर रिसर्च की थी। ईशा को USAID साइंस चैंपियन के रूप में भी चुना गया था।
सिख कोएलिशन ने कहा कि ईशा इस प्रोग्राम के लिए सही उम्मीदवार हैं। संगठन ने कहा कि ईशा एशियाई-अमेरिकी प्रतिनिधित्व को लेकर जागरूक हैं और उन्होंने नस्लवाद और बुलिंग के कई मामले देखे हैं। ईशा के अलावा इस प्रोग्राम में दो और छात्र शामिल हैं जिसमें मैरीलैंड से अक्षन रणसिंघे और सैन फ्रांसिस्को से एथन सू थे।
सिख कोएलिशन ने एक्स पर बताया कि ये युवा एंबेसडर जागरूकता बढ़ाने के लिए कंटेंट तैयार करेंगे। यह कंटेंट अप्रैल के सिख अवेयरनेस मंथ और मई के AANHPI हेरिटेज मंथ के दौरान साझा किया जाएगा। इस प्रोग्राम का उद्देश्य युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें समाज में अपनी बात रखने के लिए तैयार करना है। इसके साथ ही उन्हें लीडरशिप, कम्युनिकेशन और आयोजन से जुड़ी स्किल्स भी सिखाई जाएंगी। यह प्रोग्राम छात्रों को मेंटर्स, साथियों और रोल मॉडल्स से जोड़ने में भी मदद करता है।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login