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ट्रेड डील और बजट फैसले भारतीय टेक सेक्टर के लिए बड़ी राहत: पैन-IIT एलुमनी

अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा सोमवार को घोषित यह समझौता, जिसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्पऔर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ाया गया, भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों को नई मजबूती देगा।

भारतीय पीएम मोदी और साथ में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प / White House Photo by Shealah Craighead

भारत के सभी 23 IIT के पूर्व छात्रों का शीर्ष संगठन पैन-आईआईटी एलुमनी इंडिया ने भारत–अमेरिका के बीच हुए ट्रेड समाधान का स्वागत करते हुए इसे तकनीक और टैलेंट के क्षेत्र में एक रणनीतिक छलांग करार दिया है। संगठन ने दोनों देशों के बीच टैरिफ से जुड़े मुद्दों के समाधान को भारतीय टेक और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए राहत देने वाला कदम बताया है।

पैन-आईआईटी एलुमनी इंडिया के चेयरमैन और वरिष्ठ सिविल सेवक प्रभात कुमार ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा सोमवार को घोषित यह समझौता, जिसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्पऔर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ाया गया, भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों को नई मजबूती देगा।

उन्होंने कहा कि यह समझौता टैरिफ बाधाओं को हटाने, द्विपक्षीय व्यापार को सामान्य करने और भारत के टेक मैन्युफैक्चरिंग व सर्विस सेक्टर को बढ़ावा देने में मददगार साबित होगा, साथ ही अमेरिका में बसे भारतीय प्रवासी और IIT एलुमनी से रिश्तों को और मजबूत करेगा।

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प्रभात कुमार ने कहा, “यह निर्णायक समझौता हमारे लोकतांत्रिक साझेदारी की एक सशक्त पुष्टि है और इससे द्विपक्षीय व्यापार व निवेश को तुरंत बढ़ावा मिलेगा।” उन्होंने इसे भारत के हाई-टेक सेक्टर के लिए खास तौर पर अहम बताया। कुमार के मुताबिक, “मार्केट एक्सेस में सुधार और भारतीय इंजीनियरिंग उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ने से ‘मेक इन इंडिया’ पहल को मजबूती मिलेगी। इससे अत्याधुनिक निवेश आएगा और भारत को एआई समेत उभरती तकनीकों का वैश्विक इनोवेशन हब बनाने में मदद मिलेगी। अमेरिका से कई डीप-टेक कंपनियां भारत आ रही हैं, जिन्हें इस समझौते से बड़ा लाभ होगा।”

हाल ही में अमेरिका यात्रा के दौरान कई IIT पूर्व छात्रों से मुलाकात का जिक्र करते हुए कुमार ने कहा कि वे लंबे समय से इस समाधान का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा, “कल आई यह खबर उनके लिए बड़ी राहत लेकर आई है। भले ही वे अमेरिका में रहते हों और अमेरिकी नागरिक हों, लेकिन उनका नाता आज भी भारत से जुड़ा हुआ है।”

कुमार ने बताया कि अमेरिका की कई बड़ी टेक कंपनियों में IIT के पूर्व छात्र शीर्ष पदों पर कार्यरत हैं, जिनमें सीईओ स्तर तक के अधिकारी शामिल हैं, जबकि कई ने अपने स्टार्टअप भी खड़े किए हैं।
उन्होंने कहा, “अमेरिका में कई कार्यस्थल ऐसे लगते हैं मानो वह IIT का ही विस्तार हों। ट्रेड से जुड़ी अनिश्चितता उनके लिए चिंता का विषय थी, क्योंकि भारत और अमेरिका के रिश्ते हमेशा मजबूत रहे हैं। अब सही दिशा में उठाए गए इस कदम से पूरा IIT एलुमनी समुदाय बेहद संतुष्ट और राहत महसूस कर रहा है।”

प्रभात कुमार का मानना है कि भारत–अमेरिका ट्रेड समझौते के साथ-साथ केंद्रीय बजट में घोषित हालिया प्रस्ताव, जैसे ग्लोबल डेटा सेंटर्स के लिए टैक्स इंसेंटिव, दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग को नई ऊंचाई देंगे। उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि ट्रेड एग्रीमेंट का विस्तृत ब्यौरा अगले कुछ दिनों में सामने आएगा। भारतीय सरकार और उद्योग जगत के लिए अमेरिका एक मजबूत और स्थापित बाजार है। अन्य देशों के साथ व्यापार समझौते तलाशने के बावजूद अमेरिका भारत का एक अहम रणनीतिक साझेदार बना रहेगा।”

कुमार ने बजट में विदेशी शिक्षा के लिए भेजी जाने वाली राशि पर टीसीएस (टैक्स कलेक्टेड ऐट सोर्स) में कटौती के फैसले की भी सराहना की। उन्होंने कहा, “यह कदम विदेश जाकर पढ़ाई करने वाले छात्रों के अभिभावकों पर पड़ने वाले बड़े वित्तीय बोझ को कम करता है। यह दिखाता है कि कैसे अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां और प्रगतिशील घरेलू नीतियां मिलकर छात्रों और पेशेवरों को सशक्त बना रही हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि व्यापार को सुगम बनाने, तकनीक को आकर्षित करने और मानव संसाधन को मजबूत करने वाले ये सभी कदम मिलकर एक ऐसा सकारात्मक चक्र तैयार करेंगे, जिससे न सिर्फ IIT समुदाय बल्कि पूरे देश को व्यापक लाभ मिलेगा।

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