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शिकागो के भारतीय वरिष्ठ नागरिकों ने मनाया 'मदर्स डे'

आईएससी अध्यक्ष कांतीभाई पटेल ने ‘वरदान’ संस्था से जुड़ी गौरी मगाठी, डॉ. भारद्वाज देसाई और मुरलीधर का भी परिचय कराया।

 गीताबेन सुथार के जन्मदिन पर फूल देते सरोजबेन और दहयाभाई पटेल गीताबेन सुथार के जन्मदिन पर फूल देते सरोजबेन और दहयाभाई पटेल / Indian Seniors of Chicago

शिकागो के भारतीय वरिष्ठ नागरिकों ने 9 मई को शिकागो के पास बेन्सेनविल स्थित मानव सेवा मंदिर में मदर्स डे और गुजरात दिवस का उत्सव मनाया। इस कार्यक्रम में लगभग 380 सदस्य शामिल हुए। 

कार्यक्रम की शुरुआत पन्नाबेन शाह और भूपेंद्र सुथार ने सभा का संचालन करते हुए की। मई महीने में जन्मदिन मनाने वाले सदस्यों ने गीता बेन सुथार के साथ गणेश स्तुति, सर्व धर्म प्रार्थना और हनुमान चालीसा गाई। इसके बाद जन्मदिन के अवसर पर 'बार बार दिन ये आए' गीत भी गाया गया। विशेष अतिथि विशेष सरोज पटेल और दाह्याभाई पटेल ने फूलों के गुलदस्ते भेंट किए और सभी को शुभकामनाएं दीं।

इसके बाद उमाबेन देसाई ने उपस्थित लोगों को योगासन करके दिखाए। आईएससी के कोषाध्यक्ष हेमंत मोदी ने अप्रैल महीने की आय और खर्च का विवरण प्रस्तुत किया और दानदाताओं के नामों की घोषणा की। आईएससी के अध्यक्ष कांतीभाई पटेल ने दोपहर के भोजन के प्रायोजकों दिलीपभाई पटेल और लीना पटेल, सतीश पारिख और दक्ष पारिख, नवीनभाई और कोकिलाबेन पटेल, नैषध भाई और जागृति, योगेंद्र दलाल, हर्षा, हसमुख भाई, अरुणा, धीरन पवार, जयश्री, चंद्रकांत गांधी, विजय भाई पटेल और ज्योति का स्वागत किया।

जिन सदस्यों का जन्मदिन मई में पड़ता है, उन्होंने जन्मदिन के रूप में गणेश स्तुति, सर्व धर्म प्रार्थना, गीता बेन सुथार के साथ हनुमान चालीसा और 'बार-बार दिन ये आए' गीत गाया। / Indian Seniors of Chicago

इसके साथ ही मिठाई प्रायोजक सरोजबेन दाह्याभाई पटेल का भी माला पहनाकर सम्मान किया गया। गुजरात दिवस के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिनमें अश्विन ठक्कर, अरविंद मोदी, पुष्पा पारेख, प्रवीण गांधी और तारला बेन ने गीत प्रस्तुत किए।

मदर्स डे समारोह के तहत पन्नाबेन शाह ने 12 महिलाओं को गुलाब और मिठाई के डिब्बे देकर सम्मानित किया। भद्रा शाह ने 'जननी की जोड़ सखी नहीं जड़े रे लोल' गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दौरान 12 सदस्यों की कलाकृतियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई जिसे आयोजकों ने मदर्स डे की वार्षिक परंपरा बताया।

आईएससी अध्यक्ष कांतीभाई पटेल ने ‘वरदान’ संस्था से जुड़ी गौरी मगाठी, डॉ. भारद्वाज देसाई और मुरलीधर का भी परिचय कराया। देसाई और मुरलीधर ने ‘वरदान’ ऐप के बारे में जानकारी दी और बताया कि यह ऐसा साधन है, जो वरिष्ठ नागरिकों को स्वतंत्र रूप से रहने और आपात स्थिति में डॉक्टरों तथा परिवार के सदस्यों से जुड़े रहने में मदद करता है।

कार्यक्रम के अंत में आईएससी के उपाध्यक्ष नवीनभाई पटेल ने सदस्यों से आग्रह किया कि भविष्य के कार्यक्रमों के लिए समय पर आरएसवीपी करें, ताकि भोजन की व्यवस्था बेहतर ढंग से की जा सके। इसके बाद सभी सदस्यों ने सामूहिक प्रार्थना की और साथ मिलकर भोजन किया।

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