कार्यक्रम की झलकियां / Handout
IDF USA के वार्षिक चैरिटी कार्यक्रम में कई देशों के नेता, उद्योगपति और सामाजिक कार्यकर्ता एक साथ जुटे। यह कार्यक्रम शिकागो के पास Schaumburg में Fairfield by Marriott होटल में आयोजित किया गया। इसमें भारत और युगांडा में चल रहे प्रोजेक्ट्स और भविष्य में अंतरराष्ट्रीय साझेदारी पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में शिक्षा, महिलाओं का सम्मान, पोषण, रोजगार और जमीनी विकास जैसे मुद्दों पर फोकस रहा।
भारत के कॉन्सुल जनरल सोमनाथ घोष और युगांडा की सांसद सारा अचिएंग ओपेंडी मुख्य अतिथि थे। इसके अलावा कार्यक्रम में जयकुमार नायर, मफत पटेल और डॉक्टर भरत बराई सहित कई लोग मौजूद रहे। इस कार्यक्रम का मुख्य फोकस IDF USA और CET Foundation के बीच साझेदारी पर था। इन प्रोजेक्ट्स के जरिए भारत और युगांडा में विकास कार्य किए जा रहे हैं।
आयोजकों ने कहा कि सही योजना, पारदर्शिता और स्थायी तरीके से काम करने से बड़े स्तर पर बदलाव लाया जा सकता है। कार्यक्रम में अंजलि मोहंती ने संयुक्त राष्ट्र में हुई एक बैठक का जिक्र किया। यह बैठक महिलाओं और ग्रीन जॉब्स पर केंद्रित थी। उन्होंने कहा कि इसमें महिलाओं को सशक्त बनाने और पर्यावरण के साथ आर्थिक विकास जोड़ने पर चर्चा हुई। इसमें खेती, शिक्षा, विज्ञान, पानी और पर्यावरण जैसे विषयों पर भी बात हुई। एक अहम संदेश दिया गया कि 'हमें टिकाऊ समाधान खोजने की जरूरत नहीं है, टिकाऊपन ही एकमात्र समाधान है।'
क्वीनी मेंडोंका ने युगांडा में IDF USA के काम के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि संगठन ने वहां सोलर पानी के प्रोजेक्ट, महिलाओं के बिजनेस को मदद, स्कूलों में सुविधाएं और बच्चों को जूते देने जैसे काम किए हैं। उन्होंने भविष्य के लिए तीन योजनाएं भी बताईं और कहा कि पहली योजना केले के फाइबर से सैनिटरी पैड बनाने का प्लांट है। दूसरी भारत की तरह मिड-डे मील योजना है और तीसरी डिजिटल सिस्टम और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।
IDF USA के संस्थापक सेसिल जोसेफ ने कहा कि संगठन का लक्ष्य सेवा, साझेदारी और सही परिणाम देना है। कार्यक्रम में कम्पैशनशिप एडु-टेक फाउंडेशन ने भी अपने प्रोजेक्ट्स के बारे में बताया। इनमें मेडिकल छात्रों की मदद, किचन प्रोजेक्ट, महिलाओं के लिए हेल्थ प्रोग्राम और STEM शिक्षा शामिल हैं।
युगांडा की सांसद ओपेंदी ने इन प्रोजेक्ट्स का स्वागत किया और लोगों को युगांडा में निवेश और पर्यटन के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का अंत भारत, युगांडा और अमेरिका के बीच साझेदारी बढ़ाने के संदेश के साथ हुआ।
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