ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

कांग्रेसी कृष्णमूर्ति विदेश विभाग से मिले, बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा पर जानकारी साझा

राजा ने कहा कि मैं विदेश विभाग से बांग्लादेश में उनके प्रयासों से संबंधित अधिक जानकारी सार्वजनिक करने और बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के उपचार से संबंधित आंकड़े उपलब्ध कराने का आग्रह करता हूं

 भारतीय-अमेरिकी कांग्रेसी राजा कृष्णमूर्ति भारतीय-अमेरिकी कांग्रेसी राजा कृष्णमूर्ति / X@Raja Krishnamoorthi

भारत के पड़ोसी बांग्लादेश में पिछले दिनों आये सियासी संकट और सत्ता परिवर्तन के बाद हिंदुओं और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ होने वाली हिंसा और अत्याचार को लेकर भारतीय-अमेरिकी कांग्रेसी राजा कृष्णमूर्ति ने अमेरिका के विदेश विभाग से मुलाकात की।

इससे पहले राजा ने विदेश विभाग से बांग्लादेश में हिंदुओं पर होने वाले अत्याचार को लेकर सरकार के प्रयासों के बारे में जानकारी मांगी थी और धार्मिक अल्पसंख्यकों की रक्षा और उनके अधिकारों की हिफाजत करने की गुहार लगाई थी। 

ताजा मुलाकात में राजा को विदेश विभाग ने बांग्लादेश की स्थिति से अवगत कराया और अपने प्रयासों की जानकारी भी साझा। मुकालात को लेकर राजा कृष्णमूर्ति ने जानकारी साझा की है। राजा के कार्यालय से जारी बयान में कहा गया है कि मुझे बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यक अधिकारों, विशेषकर हिंदुओं के अधिकारों की रक्षा के अपने प्रयासों के बारे में विदेश विभाग द्वारा जानकारी दी गई। 

विदेश विभाग ने जोर दिया है कि बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है जिस पर वे बांग्लादेश सरकार के साथ व्यावहारिक रूप से हर उच्च स्तरीय राजनयिक बैठक में चर्चा करते हैं। इसके अलावा, विदेश विभाग विशेष रूप से धार्मिक अल्पसंख्यक अधिकारों की सुरक्षा से संबंधित प्रशिक्षण के साथ बांग्लादेश के नागरिक सुरक्षा बल को मजबूत करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है। 

राजा ने कहा कि मैं विदेश विभाग से बांग्लादेश में उनके प्रयासों से संबंधित अधिक जानकारी सार्वजनिक करने और बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के उपचार से संबंधित आंकड़े उपलब्ध कराने का आग्रह करता हूं क्योंकि हम धार्मिक हिंसा, भेदभाव और कट्टरता को खत्म करने के लिए काम कर रहे हैं। मैं इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर विदेश विभाग के ध्यान की सराहना करता हूं और आने वाले हफ्तों में फिर से इस पर ध्यान दूंगा।

Comments

Leave A Comment

Required fields are marked (*).

Related

Talk to us?