ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

Americans4Hindus ने इन चार नए राज्यों में शुरू किए अपने चैप्टर

रोमेश जपरा द्वारा स्थापित किया गया A4H हिंदू अमेरिकियों की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने पर काम करता है। इन चार नए चैप्टर के बाद संगठन 33 राज्यों में पहुंच जाएगा।

 Americans4Hindus  Americans4Hindus / Americans4Hindus (americans4hindus.org/)

Americans4Hindus यानी A4H ने चार नए राज्यों में अपने चैप्टर शुरू करने का ऐलान किया है। यह घोषणा न्यू ऑरलियंस में एक कार्यक्रम के दौरान की गई, जो अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी कन्वेंशन के साथ आयोजित हुआ था। ये नए चैप्टर लुइसियाना, मिसौरी, अलबामा और आर्कांसस में शुरू किए गए हैं।

अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी कन्वेंशन यानी AACIO से जुड़े सत्र में यह घोषणा की गई थी। इस दौरान A4H के नेताओं ने संगठन के उद्देश्य बताए और नए राज्य प्रमुखों का परिचय कराया। संगठन ने बताया कि लुइसियाना में सुरेंद्र पुरोहित अध्यक्ष और किरण जवेरी उपाध्यक्ष होंगे। मिसौरी में हनुमंथ रेड्डी और गीता रेड्डी चेयरपर्सन होंगे, जबकि रघुवीर कुर्रा अध्यक्ष बनाए गए हैं। वहीं अलबामा में सुबीर पॉल अध्यक्ष और नवीन नंदा मानद चेयरमैन होंगे। ऐसे ही आर्कांसस में श्रीनिवेन्गला अध्यक्ष और सपना सिंह वेन्गला उपाध्यक्ष होंगी।

A4H के संस्थापक और चेयरमैन रोमेश जपरा ने अपना भाषण दिया और कहा कि हिंदू अमेरिकियों को राजनीति और नीति-निर्माण में ज्यादा भागीदारी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हम अपने ज्ञान और काम से योगदान दे रहे हैं लेकिन अब जरूरी है कि हमारी आवाज सरकार और नीतियों में भी सुनी जाए।

बता दें कि AACIO के प्रमुख और A4H फ्लोरिडा के अध्यक्ष राकेश शर्मा ने शपथ ग्रहण समारोह का नेतृत्व किया। उन्होंने लोगों से सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में ज्यादा भाग लेने की अपील की। कार्यक्रम में सरिता कोमाटिरेड्डी की उम्मीदवारी पर भी चर्चा हुई। वह 3 नवंबर 2026 के चुनाव में मौजूदा डेमोक्रेट नेता लेटिशिया जेम्स के खिलाफ चुनाव लड़ेंगी। कोमाटिरेड्डी ने रिपब्लिकन नामांकन में 86 प्रतिशत वोट हासिल किए हैं।

मालूम हो कि रोमेश जपरा द्वारा स्थापित किया गया A4H हिंदू अमेरिकियों की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने पर काम करता है। इन चार नए चैप्टर के बाद संगठन 33 राज्यों में मौजूद पहुंच जाएगा। A4H का लक्ष्य नवंबर चुनाव से पहले सभी 50 राज्यों में अपनी मौजूदगी बनाना है ताकि समुदाय की भागीदारी और प्रभाव को और बढ़ाया जा सके।

Comments

Related