ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

भारत के ई-बस प्रोजेक्ट में 310 मिलियन डॉलर का निवेश करेगी यह अमेरिकी कंपनी

कंपनियों के अनुसार KKR ऑलफ्लीट में बहुमत हिस्सेदारी और PMI इलेक्ट्रो में अल्पसंख्यक हिस्सेदारी हासिल करेगा।

KKR & Co. की ट्रेडिंग जानकारी न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज के फ्लोर पर लगी एक स्क्रीन पर प्रदर्शित की जा रही है। / Reuters

अमेरिकी प्राइवेट इक्विटी फर्म KKR भारत की इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन कंपनी PMI इलेक्ट्रो मोबिलिटी सॉल्यूशंस और उसके ई-बस प्लेटफॉर्म ऑलफ्लीट इंडिया के साथ साझेदारी में 310 मिलियन डॉलर तक निवेश करेगी। यह जानकारी कंपनियों ने बुधवार को दी है। 

कंपनियों के अनुसार KKR ऑलफ्लीट में बहुमत हिस्सेदारी और PMI इलेक्ट्रो में अल्पसंख्यक हिस्सेदारी हासिल करेगा। हालांकि सौदे के अन्य विवरण साझा नहीं किए गए। PMI इलेक्ट्रो 9 मीटर, 12 मीटर और स्कूल बसों सहित इलेक्ट्रिक कमर्शियल ई-बसों का निर्माण करती है। वहीं ऑलफ्लीट बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन बेड़े के विकास और संचालन पर काम करता है।

ऑलफ्लीट विभिन्न राज्य परिवहन प्राधिकरणों के साथ समझौतों के तहत 5,000 से अधिक ई-बसों का बेड़ा तैनात करने की तैयारी में है। यह निवेश ऐसे समय में हो रहा है जब भारत सरकार की PM-eBus सेवा योजना के तहत शहरी क्षेत्रों में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप यानी पीपीपी मॉडल पर 10,000 इलेक्ट्रिक बसें तैनात करने का लक्ष्य है। इस योजना की अनुमानित लागत 576.13 अरब रुपये लगभग 6.23 अरब डॉलर है।

PMI इलेक्ट्रो की सीईओ आंचल जैन ने कहा कि जैसे-जैसे हमारे शहर बढ़ रहे हैं और परिवहन की जरूरतें बदल रही हैं, स्वच्छ, कुशल और सुलभ सार्वजनिक परिवहन एक टिकाऊ भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। KKR के साथ मिलकर हम जिम्मेदार तरीके से विस्तार और भारतीय शहरों में अपनी उपस्थिति बढ़ाने पर ध्यान देंगे। कंपनियों ने कहा कि यह सौदा नियामक मंजूरी के अधीन है और इसके 2026 के मध्य तक पूरा होने की उम्मीद है।

Comments

Related