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US- भारत की उच्चस्तरीय वार्ता में क्या हुआ? 6 प्वॉइंट्स में जानिए

भारत और अमरिका के बीच नई यूएस टैरिफ दरें लागू होने से पहले एक अहम उच्च स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें रक्षा समेत अहम क्षेत्र में सहयोग को मजबूती देने पर जोर दिया गया।

यूएस टैरिफ दरें लागू होने से पहले भारत और अमेरिका के बीच अहम अहम उच्च स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता हुई। /

भारत पर नई टैरिफ दरें लागू होने पहले अमेरिका और भारत के बीच एक अहम द्विपक्षीय वर्ता हुई। जिसमें रक्षा, विज्ञान प्रौद्योगिकी समेत कई अहम क्षेत्रों में सहयोग को व्यापक रूप से आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई गई। 

वार्ता में दोनों देशों के प्रमुख अधिकारी शामिल हुए। चर्चा के दौरान विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (अमेरिका) नागराज नायडू काकनूर और रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव (अंतर्राष्ट्रीय सहयोग) विश्वेश नेगी, दक्षिण एवं मध्य एशियाई मामलों के ब्यूरो की अमेरिकी वरिष्ठ ब्यूरो अधिकारी बेथानी पी. मॉरिसन और हिंद-प्रशांत सुरक्षा मामलों के कार्यवाहक सहायक रक्षा सचिव जेडीडिया पी. रॉयल शामिल हुए। नई टैरिफ दरें लागू होने से पहले इस द्विपक्षीय वार्ता में दोनों पक्षों ने रक्षा सहयोग बढ़ाने की उम्मीद व्यक्त की। 

इस दौरान भारत-अमेरिका प्रमुख रक्षा साझेदारी के लिए एक नए दस-वर्षीय ढांचे पर हस्ताक्षर किया गया। जिसमें रक्षा औद्योगिक, विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहयोग को आगे बढ़ाने, परिचालन समन्वय, क्षेत्रीय सहयोग, और सूचना का आदान- प्रदान शामिल है। 

यह एक  वर्चुअल भारत-अमेरिका 2+2 अंतर-सत्रीय वार्ता थी, जिसमें 6 प्रमुख मुद्दों को शामिल किया गया, जो इस प्रकार हैं-

  1. वार्ता के जरिए अधिकारियों ने द्विपक्षीय पहलों को आगे बढ़ाने, क्षेत्रीय सुरक्षा विकास समेत कई साझा रणनीतिक प्राथमिकताओं पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने व्यापार और निवेश, ऊर्जा सुरक्षा, जिसमें असैन्य-परमाणु सहयोग को मजबूत करना, महत्वपूर्ण खनिजों की खोज, मादक पदार्थों और आतंकवाद-रोधी सहयोग पर चर्चा की। 
  2. रक्षा औद्योगिक, विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहयोग को आगे बढ़ाने, परिचालन समन्वय, क्षेत्रीय सहयोग, और सूचना साझा करने पर चर्चा।
  3. दोनों पक्षों ने सहयोग को मजबूती के क्रम में भारत-अमेरिका प्रमुख रक्षा साझेदारी के लिए एक नए दस-वर्षीय ढांचे पर हस्ताक्षर, रक्षा औद्योगिक, विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहयोग को आगे बढ़ाने परिचालन समन्वयन, क्षेत्रीय सहयोग और सूचना-साझाकरण पर अहम चर्चा हुई। 
  4. अहम वार्ता में शामिल अधिकारियों ने 21वीं सदी और उसके बाद के लिए भारत-अमेरिका कॉम्पैक्ट (सैन्य साझेदारी, त्वरित वाणिज्य और प्रौद्योगिकी के लिए अवसरों को उत्प्रेरित करना) के तत्वावधान में इन क्षेत्रों में हुई प्रगति को और आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
  5. अध्यक्षों ने QUAD के माध्यम से एक सुरक्षित, मजबूत और अधिक समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई गई। 
  6. वार्ता के दौरान अध्यक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों के व्यापक और गहरा होने की उम्मीद जताई। 

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