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भारत में वीजा वेटिंग टाइम को लेकर एरिक गार्सेटी को अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह आदेश दिया

भारत में अमेरिका के राजदूत एरिक गार्सेटी ने कहा कि राष्ट्रपति बाइडन ने उन्हें भारत में वीजा के लिए वेटिंग टाइम को कम करने का आदेश दिया है। यह पहला उदाहरण है जब अमेरिका द्वारा किसी भी देश में इस बात पर गौर करने के लिए कहा गया है।

अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी के ग्वालियर में एकतारसो महादेव मंदिर के दौरा की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल है। / @USAmbIndia

भारत में अमेरिकी दूत एरिक गार्सेटी ने खुलासा किया कि राष्ट्रपति बाइडन ने उन्हें भारत में वीजा वेटिंग टाइम को कम करने का निर्देश दिया है। यह पहली बार है जब किसी राजदूत को किसी देश में इस तरह का निर्देश दिया गया है। गार्सेटी ने जोर देकर कहा कि ग्रीन कार्ड बैकलॉग मुद्दा एक कानूनी मामला है, जिसे अमेरिकी संसद को संबोधित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अधिक वीजा पर निर्णय लेने से प्रतीक्षा समय में 75% की कमी आई है।

एक न्यूज एजेंसी से बात करते हुए, गार्सेटी ने कहा कि कानूनी आप्रवासियों की संख्या, ग्रीन कार्ड या नागरिकता का मामला एक विधायी मुद्दा है, जिससे अमेरिकी संसद को निपटने की जरूरत है। किसी भी देश की तरह अमेरिका की भी अपनी सीमाएं हैं। यह भारतीयों के लिए निराशाजनक हो सकता है, क्योंकि कई ऐसे लोग हैं जो अमेरिका आना चाहते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि हमने केवल एक वर्ष में भारत में वीजा निर्णयों में 60% की वृद्धि की है। समान कर्मचारियों को बनाए रखा है और प्रतीक्षा समय को 75% तक कम कर दिया है। आगे इन मसलों पर अमेरिकी संसद को ध्यान देने की जरूरत है। हालांकि गार्सेटी ने कहा कि 250 दिन अभी भी बहुत लंबा है। राष्ट्रपति ने मुझे भारत में वीजा के लिए इंतजार के समय को कम करने को कहा है। मेरा मानना है कि यह पहली बार है जब किसी राष्ट्रपति ने किसी देश के राजदूत से यह बात कही है। हालांकि, सामान्य प्रतीक्षा समय वास्तव में 200 दिनों से कम है। यह हमारे मौजूदा संसाधनों के साथ चुनौतीपूर्ण है।

गार्सेटी ने भारत के सिस्टम की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत हमारी प्रणाली में काफी अच्छा कर रहा है। हमारी प्रणाली देख रही है कि यह कैसे सुधार जारी रख सकता है और संभवतः संख्या बढ़ा सकता है। इसके लिए द्विदलीय सहयोग की आवश्यकता होगी। गार्सेटी ने बताया कि अमेरिका का वीजा लेने वाले छात्रों की संख्या के मामले में भारत मैक्सिको के बाद दूसरे स्थान पर है। साल 2023 में 245,000 से अधिक भारतीय छात्र वीजा लेकर अमेरिका आए थे।

भारत में अमेरिकी दूतावास ने घोषणा की, लगातार तीसरे वर्ष हाई एजुकेशन के लिए रेकॉर्ड संख्या में भारतीय छात्र अमेरिका गए। ओपन डोर्स रिपोर्ट (ODR) के अनुसार अमेरिका में भारतीय छात्रों की संख्या में 35% की वृद्धि हुई, जो 2022-23 शैक्षणिक वर्ष में 268,923 छात्रों के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई।

गार्सेटी ने भारत में दो नए वाणिज्य दूतावास खोलने के बारे में चल रही चर्चाओं का भी खुलासा किया। उन्होंने कहा कि हम जल्द ही बैंगलोर में अहमदाबाद में नए वाणिज्य दूतावास खोलने पर विचार कर रहे हैं। हम भारत में अपनी उपस्थिति बढ़ाने के लिए विदेश मंत्रालय के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने हाल ही में हैदराबाद में एक वाणिज्य दूतावास खोला है, जो दुनिया के सबसे आधुनिक और सुंदर वाणिज्य दूतावासों में से एक है।

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