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भारत का विदेशी मुद्रा भंडार अब तक के सबसे ऊंचे स्तर के करीब, जानें कितना बढ़ा

विदेशी मुद्रा भंडार के साथ ही, भारत के स्वर्ण भंडार में भी 347 मिलियन डॉलर की वृद्धि देखी गई है। समीक्षाधीन अवधि में गोल्ड रिजर्व 51.49 बिलियन डॉलर तक बढ़ गया।

 भारत का विदेशी मुद्रा भंडार अक्टूबर 2021 में 645 बिलियन डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर था। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार अक्टूबर 2021 में 645 बिलियन डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर था। / साभा

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार पांचवें सप्ताह बढ़ोतरी दर्ज की गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, 22 मार्च को खत्म हुए सप्ताह में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 140 मिलियन डॉलर की वृद्धि हुई है। इस तरह यह 642.63 बिलियन डॉलर के स्तर पर पहुंच गया  है।

बता दें कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार अक्टूबर 2021 में 645 बिलियन डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि तब से भंडार में मामूली उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

फॉरेक्स रिजर्व में बढ़ोतरी के बावजूद, फॉरेन करंसी एसेट्स (एफसीए) में गिरावट देखी गई है। आरबीआई की तरफ से जारी साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार, एफसीए में 12.3 करोड़ डॉलर की मामूली गिरावट आई है। इस तरह यह घटकर 568.26 अरब डॉलर रह गया है। एफसीए विदेशी मुद्राओं में किसी देश के पास मौजूद धन की मात्रा को बताता है। इसे डॉलर में आंका जाता है ताकि एक्सचेंज की दरों में उतार-चढ़ाव को बेहतर तरीके से एडजस्ट किया जा सके। 

भारत के स्वर्ण भंडार में भी 347 मिलियन डॉलर की वृद्धि देखी गई है। इस अवधि के दौरान गोल्ड रिजर्व 51.49 बिलियन डॉलर तक बढ़ गया। हालांकि, स्पेशल ड्राइंग राइट्स (एसडीआर) में गिरावट देखी गई है। यह 57 मिलियन डॉलर घटकर 18.22 बिलियन डॉलर रह गया है। SDR अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) द्वारा बनाया गया एक अंतर्राष्ट्रीय मौद्रिक रिजर्व है। 

SDR एक प्रकार की मुद्रा है जिसका उपयोग IMF के सदस्य देशों के बीच किया जाता है। आईएमएफ के सदस्य देश इस रिजर्व का इस्तेमाल भुगतान में असंतुलन और वित्तीय अस्थिरता को दूर करने के लिए कर सकते हैं। 

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