अमीन चाचा अहीर थे, मगर जनेऊ पहनते थे। पूजा-पाठ करते, धार्मिक किताबें पढ़ते और खाने से पहले भगवान को भोग जरूर लगाते। एकादशी हो या कोई और व्रत, कभी नहीं छोड़ते थे। कई बार लोग मजाक में कहते, 'अरे बाबा, आप तो साधू बनने वाले हैं'।

प्रतीकात्मक तस्वीर
Credit: Tapasya Chaubey