For Indians Abroad
कई दशकों तक प्रवासी क्रिसमस की कहानी ‘जबरन ढलने’ की रही-मानो किसी और का त्योहार उधार लेकर मनाया जा रहा हो। लेकिन अब वक्त बदल चुका है।
प्रतीकात्मक तस्वीर
Credit: unsplash