हार्वर्ड विश्वविद्यालय में आर्थिक विकास के प्रोफेसर हॉसमैन का कहना है कि दुनिया के किसी भी अन्य देश की तुलना में आने वाले वर्षों में भारत में विकास की सबसे अधिक संभावना है। लेकिन भारत उस क्षमता का 'फायदा नहीं उठा रहा है। वैश्विक बाजार में कई उद्योगों में भारत की उपस्थिति आश्चर्यजनक रूप से छोटी है।

भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ प्रोफेसर हॉसमैन। फोटो : @ricardo_hausman