प्रो. गुप्तारा ने निष्कर्ष निकाला कि यदि हम कुछ असत्यताओं से छुटकारा पा लेते हैं और तदनुसार अपनी वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक संरचनाओं में सुधार करते हैं तो प्रौद्योगिकी समस्याओं को सुलझाने और बढ़ाने की दोहरी भूमिका निभाना बंद कर देगी और प्रणालीगत रूप से सकारात्मक भूमिका में आ जाएगी।

अपनी वार्ता के दौरान प्रो. गुप्तारा।
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