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पाकिस्तानी अफसरों पर वीजा बैन लगाएं और संपत्ति जब्त करें, भारतीय-अमेरिकी सांसदों ने क्यों की यह मांग

रो खन्ना और राजा कृष्णमूर्ति ने अमेरिकी सरकार से आग्रह किया है कि वह पाकिस्तान की सैन्य सरकार पर सख्ती दिखाएं और हिंसा के जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही सुनिश्चित करवाएं।

 रो खन्ना और राजा कृष्णमूर्ति ने पाकिस्तान में हिंसा दबाने के तरीकों पर गहरी चिंता जताई है। रो खन्ना और राजा कृष्णमूर्ति ने पाकिस्तान में हिंसा दबाने के तरीकों पर गहरी चिंता जताई है। / Pic credit-- Facebook

रो खन्ना और राजा कृष्णमूर्ति समेत कई भारतीय अमेरिकी सांसदों ने पाकिस्तान में जारी हिंसा की कड़ी निंदा की है और अमेरिकी सरकार से वहां की सैन्य सरकार के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने का आह्वान किया है। 

भारतवंशी सांसदों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर की गई बर्बर कार्रवाई का विरोध करते हुए सबक सिखाने के लिए पाकिस्तान के वरिष्ठ अधिकारियों पर वीजा प्रतिबंध और उनकी संपत्तियों को फ्रीज करने जैसे कदम उठाने का आग्रह किया है।

सांसद रो खन्ना ने एक्स पर लिखा कि पाकिस्तान में असीम मुनीर की सैन्य सरकार द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों की कथित हत्याओं को छिपाने के प्रयासों की खबरों से चिंतित हूं। अमेरिका को पाकिस्तानी सैन्य शासन सीनियर पदों पर बैठे अधिकारियों पर वीजा प्रतिबंध लगाकर और संपत्तियों को फ्रीज करके उदाहरण पेश करना चाहिए।

राजा कृष्णमूर्ति ने भी इसी तरह की चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मैं इस बात से बहुत परेशान हूं कि पाकिस्तान में प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बल हिंसक कार्रवाई पर कार्रवाई कर रहे हैं, गोला-बारूद का इस्तेमाल कर रहे हैं, सामूहिक गिरफ्तारियां कर रहे हैं। मैं इस हिंसा की निंदा करता हूं और सरकार से लोगों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति देने का आग्रह करता हूं।

भारतीय अमेरिकी सांसदों की यह प्रतिक्रिया पाकिस्तान में हिंसा और हताहतों की जानकारी दबाने के कथित प्रयासों की खबरों के मद्देनजर आई है। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तानी सेना और अर्धसैनिक बलों की गोलीबारी में कम से कम 17 नागरिक मारे जा चुके हैं और सैकड़ों घायल हुए हैं। हालांकि असल संख्या इससे कहीं ज्यादा होने की आशंका है।
 
दोनों सांसदों ने अमेरिकी सरकार से आग्रह किया है कि वह पाकिस्तान की अधिनायकवादी सरकार के खिलाफ सख्ती दिखाएं और हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दें।
 

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