यह सिवानंदन की उपलब्धियों में एक और बड़ी उपलब्धि है। इससे पहले वह ब्रिटेन की सबसे कम उम्र की महिला शतरंज चैंपियन बन चुकी हैं। वह किसी भी खेल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व करने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी भी हैं।

बोधना शिवानंदन सबसे कम उम्र की महिला ग्रैंडमास्टर बनीं।
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