नैना क्लाइमेट लिटिगेशन पर रिसर्च और दुनियाभर में काम कर चुकी हैं। उनका मकसद ग्लोबल नॉर्थ और साउथ के बीच क्लाइमेट चेंज की असमानताओं को दूर करना है। उनकी एकेडेमिक उपलब्धि और लीडरशिप क्वालिटी को येल यूनिवर्सिटी में काफी पहचाना गया है। भविष्य में वो लॉ स्कूल जाने और डॉक्टरेट करने की भी सोच रही हैं।

येल यूनिवर्सिटी की सीनियर छात्रा नैना अग्रवाल-हार्डिन
Credit: Yale News