सांकेतिक / iStock photo
बीती 2 जुलाई को जारी USTR की एक प्रेस रिलीज के अनुसार, यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) के ऑफिस ने 7 जुलाई को भारत समेत 60 अर्थव्यवस्थाओं के खिलाफ 'सेक्शन 301' के तहत जांच के सिलसिले में सार्वजनिक सुनवाई शुरू की। यह जांच जबरदस्ती मजदूरी से बने सामान के आयात को रोकने में कथित विफलता को लेकर की जा रही है।
वॉशिंगटन, D.C. में U.S. इंटरनेशनल ट्रेड कमीशन में हो रही ये सुनवाई 9 जुलाई तक चलेगी। USTR के अनुसार, इन कार्यवाहियों में आम जनता शामिल हो सकती है, लेकिन इनकी लाइव-स्ट्रीमिंग नहीं की जाएगी और बाहरी कैमरे व रिकॉर्डिंग डिवाइस ले जाने की मनाही है। सुनवाई पूरी होने के बाद एजेंसी की वेबसाइट पर इसका लिखित विवरण प्रकाशित किया जाएगा।
भारत को 8 जुलाई को पैनल 9 के दौरान पेश होना है। प्रतिनिधियों में वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के डॉ. बृज मोहन और एग्रीकल्चरल एंड प्रोसेस्ड फ़ूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी (APEDA) के शुभम अरोड़ा शामिल हैं। सुनवाई के शेड्यूल के अनुसार, इस पैनल में जॉर्डन, कजाकिस्तान, मलेशिया और पाकिस्तान के प्रतिनिधि भी शामिल हैं।
A key development for the proposed India–U.S. Bilateral Trade Agreement #BTA begins this week as the U.S. Trade Representative @USTradeRep holds Section 301 public hearings from July 7 to July 9 on proposed trade action involving 60 economies (Including #India) over alleged… pic.twitter.com/jnHi2i0MrB
— IndUS Tech (@TheIndUSTech) July 6, 2026
उसी दिन, पैनल 8 में फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) की पूर्णिमा शेनॉय और कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) की शुचिता सोनलिका शामिल होंगी।
ये सुनवाई ऐसे समय में हो रही है जब भारत और अमेरिका एक प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर बातचीत कर रहे हैं। IndUS Tech की एक X पोस्ट में बताया गया है कि सेक्शन 301 की कार्यवाही व्यापार पर चल रही बातचीत के साथ-साथ ही चल रही है।
प्रस्तावित समझौते पर हुई प्रगति की समीक्षा के लिए वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 24 जून को नई दिल्ली में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर से मुलाकात की। गोयल ने कहा कि ये बातचीत 7 फरवरी, 2026 के संयुक्त बयान के आधार पर हुई और इसमें एक संतुलित और भविष्योन्मुखी व्यापार साझेदारी को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
व्यापारिक साझेदारों पर अमेरिका द्वारा लगाए गए 10% के अस्थायी टैरिफ की समय-सीमा 24 जुलाई को खत्म होने वाली है, जिसके कारण इन वार्ताओं का महत्व और बढ़ गया है।
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