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विवेक रामास्वामी ने बेटे के जन्मदिन के साथ मनाई अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ

4 जुलाई को जारी एक वीडियो संदेश में रामास्वामी ने कहा कि वह इस सप्ताहांत 'दो चीजों का जश्न मना रहे हैं' - अपने बेटे अर्जुन के चार साल के होने का और अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ का।

 विवेक रामास्वामी और उनका बेटा अर्जुन विवेक रामास्वामी और उनका बेटा अर्जुन / X

ओहायो के गवर्नर पद के रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी ने कहा कि वह 4 जुलाई को अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के साथ अपने बेटे अर्जुन का चौथा जन्मदिन भी मना रहे हैं। उन्होंने 4 जुलाई 1776 को अमेरिकी इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण तारीख बताते हुए देश के संस्थापक सिद्धांतों के प्रति आभार व्यक्त किया।

4 जुलाई को जारी एक वीडियो संदेश में रामास्वामी ने कहा कि वह इस सप्ताहांत 'दो चीजों का जश्न मना रहे हैं' - अपने बेटे अर्जुन के चार साल के होने का और अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ का। रामास्वामी ने 4 जुलाई 1776 को 
'मानव स्वतंत्रता और मानव प्रगति के लिए हमारे ब्रह्मांड के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण तारीख' बताया।

उन्होंने कहा कि अमेरिका के इतिहास को परिभाषित करने वाला सबसे महत्वपूर्ण क्षण दूसरे ऐतिहासिक पड़ाव नहीं, बल्कि स्वतंत्रता की घोषणा पर हस्ताक्षर था। उन्होंने कहा कि वह तारीख 4 जुलाई 1776 है। 1619 नहीं, जब पहले गुलाम अमेरिका पहुंचे थे। 1620 नहीं, जब मेफ्लावर जहाज अमेरिका पहुंचा था। बल्कि 1776, जब थॉमस जेफरसन और हमारे संस्थापक पिताओं ने स्वतंत्रता की घोषणा पर हस्ताक्षर किए थे।

रामास्वामी ने कहा कि यह किसी चमत्कार से कम नहीं था कि अमेरिकी क्रांति के परिणामस्वरूप एक स्वतंत्र गणराज्य की स्थापना हुई। उन्होंने इसकी तुलना दूसरी क्रांतियों से करते हुए कहा कि उनके विचार में क्रांतियां अक्सर खून-खराबे से शुरू होती हैं और अत्याचार पर समाप्त होती हैं।

उन्होंने कहा कि अमेरिकी क्रांति की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि 250 वर्ष बाद भी यह देश मौजूद है। रामास्वामी ने कहा कि हम जानते हैं कि यह सफल रही, क्योंकि आज 250 साल बाद भी हम एक ऐसे देश में रह रहे हैं, जो आपके और मेरे जैसे स्वतंत्र अमेरिकियों को बड़े सपने देखने, कड़ी मेहनत करने, जोखिम उठाने, कभी-कभी असफल होने, फिर उठ खड़े होने और दोबारा कोशिश करने, अपने परिवारों का पालन-पोषण करने, अपने जीवन के उद्देश्य को हासिल करने, अपनी आस्था के अनुसार पूजा करने और खुलकर अपनी बात कहने की स्वतंत्रता देता है।

रामास्वामी ने अमेरिका के संस्थापक सिद्धांतों पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि अमेरिका की शुरुआत "इस क्रांतिकारी विचार पर आधारित राष्ट्र के रूप में हुई थी कि सभी मनुष्य समान पैदा किए गए हैं। साथ ही सरकारों को अपनी न्यायसंगत शक्तियां शासित लोगों की सहमति से प्राप्त होती हैं।

भविष्य की ओर देखते हुए रामास्वामी ने अपने बेटे के जन्मदिन को अमेरिका के भविष्य से भी जोड़ा। उन्होंने कल्पना की कि 50 वर्ष बाद, जब अमेरिका अपनी स्वतंत्रता की 300वीं वर्षगांठ मनाएगा, तब उनका परिवार और देश कहां होंगे। उन्होंने कहा कि  मैं 90 साल का हो जाऊंगा और कौन जानता है, शायद तब भी जीवित रहूं। मेरा बेटा अर्जुन 54 साल का हो रहा होगा और हमारा देश 300 साल का हो जाएगा।

रामास्वामी ने कहा कि उनकी उम्मीद है कि उस समय भी वह उतने ही कृतज्ञ होंगे, जितने आज हैं। उन्होंने कहा कि मैं आभारी हूं कि मुझे ऐसे बच्चे मिले, जिनसे बेहतर बच्चों की मैं कल्पना भी नहीं कर सकता था। मैं आभारी हूं कि मुझे ऐसी पत्नी मिली, जिससे बेहतर जीवनसाथी की मैं कल्पना नहीं कर सकता था। और मैं आभारी हूं कि मैं मानव इतिहास के सबसे महान राष्ट्र का नागरिक हूं।

अपने संदेश के अंत में रामास्वामी ने अमेरिका को एकमात्र ऐसा राष्ट्र बताया, जिसकी स्थापना ऐसे आदर्शों पर हुई, जो जितने क्रांतिकारी थे, उतने ही सुंदर थे और जितने सुंदर थे, उतने ही सत्य थे। इसके बाद उन्होंने सभी अमेरिकियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।

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