NISAR की मदद से वैज्ञानिक भूकंप, भूस्खलन व ज्वालामुखी के कारण धरती में आने वाले बदलावों से लेकर ग्लेशियरों, बर्फीली सतहों और जंगलों पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का गहन अध्ययन कर सकेंगे।
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वैज्ञानिक पॉल रोसेन नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी (जेपीएल) में निसार प्रोजेक्ट पर शुरू से ही काम कर रहे हैं।
Credit: Image : NASA