भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी। / IANS/PMO
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने सोमवार को पदभार संभाला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी और भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस महीने सीईटीए के लागू होने से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध और मजबूत होंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा- ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभालने पर हार्दिक बधाई। भारत और ब्रिटेन साझा लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े हैं तथा व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, रक्षा और लोगों के बीच संबंधों के क्षेत्र में व्यापक सहयोग करते हैं। इस महीने सीईटीए के लागू होने से हमारी द्विपक्षीय साझेदारी और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि वह भारत-ब्रिटेन व्यापक साझेदारी को और गहरा करने तथा साझा विजन-2035 को आगे बढ़ाने के लिए बर्नहैम के साथ मिलकर काम करने के इच्छुक हैं।
यह भी पढ़ें: लंदन में भारतीय क्रिकेट टीम का हाई कमीशन ने किया सम्मान
उधर, पदभार संभालने के बाद अपने पहले संबोधन में बर्नहैम ने देश में राजनीतिक स्थिरता बहाल करने और शासन व्यवस्था में व्यापक बदलाव लाने का संकल्प जताया। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में बार-बार प्रधानमंत्री बदलने से लोगों का राजनीति पर भरोसा कमजोर हुआ है और अब नेताओं को बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
बकिंघम पैलेस से लौटने के बाद 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर अपने पहले संबोधन में बर्नहैम ने कहा, "मैं पूरी तरह महसूस करता हूं कि पिछले 10 वर्षों में इस सत्ता के गलियारे में सरकार बनाने के लिए आने वाला मैं छठा व्यक्ति हूं और 2016 के बाद सातवां प्रधानमंत्री हूं। यह आत्ममंथन और नए संकल्प का समय है।"
उन्होंने कहा कि उनकी पीढ़ी के नेताओं को अपनी जिम्मेदारियां बेहतर ढंग से निभानी होंगी।
बर्नहैम ने कहा, "ब्रिटेन को दुनिया को यह दिखाना होगा कि हम फिर से राजनीतिक स्थिरता हासिल कर सकते हैं। लोग राजनीति से निराश हो चुके हैं। मैं उनकी बात सुनता हूं और ईमानदारी से स्वीकार करता हूं कि हम उतना अच्छा काम नहीं कर पाए, जितना करना चाहिए था। अब हमें बेहतर करना होगा।"
उन्होंने अपनी सरकार को "ब्रिटेन के लिए सर्किट ब्रेकर" बताते हुए कहा कि उनकी सरकार देश में पिछले 40 वर्षों के सबसे बड़े बदलाव लागू करेगी। उनके अनुसार, ब्रिटेन को नए राजनीतिक और आर्थिक मॉडल की जरूरत है।
1980 के दशक का उल्लेख करते हुए बर्नहैम ने कहा, "उस दौर में लिए गए कुछ फैसलों के कारण राजनीतिक शक्ति का अत्यधिक केंद्रीकरण हुआ, आर्थिक नियंत्रण का निजीकरण हुआ और देश के कई औद्योगिक क्षेत्रों का पतन हो गया। इसके चलते अनेक इलाके आज भी पिछड़ेपन से जूझ रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार सत्ता का विकेंद्रीकरण करेगी और निर्णय लेने की ताकत देश के हर क्षेत्र तक पहुंचाएगी। साथ ही, आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं को अधिक मजबूत सार्वजनिक नियंत्रण में लाकर उन्हें आम लोगों के लिए फिर से किफायती बनाया जाएगा।
बर्नहैम ने कहा कि बढ़ती महंगाई से राहत देने के लिए उनकी सरकार मंगलवार से कई योजनाओं की घोषणा करेगी। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं के वित्तपोषण का खाका भी साथ ही पेश किया जाएगा।
अन्य खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें न्यू इंडिया अब्रॉड
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login