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ह्यूस्टन समुदाय की आवाज बुलंद करेगी नई इंस्टाग्राम सीरीज

इस इंस्टाग्राम सीरीज में ह्यूस्टन के निवासियों के साथ अनौपचारिक स्ट्रीट इंटरव्यू शामिल हैं, जिनमें वे आने-जाने, रहने की जगह, सार्वजनिक स्थानों और शहर की जिंदगी को आकार देने वाले अन्य रोजमर्रा के मुद्दों पर चर्चा करते हैं।

 नीलोय आजाद ह्यूस्टन के वकील और 'द देसी डेमोक्रेसी प्रोजेक्ट' के संस्थापक हैं। नीलोय आजाद ह्यूस्टन के वकील और 'द देसी डेमोक्रेसी प्रोजेक्ट' के संस्थापक हैं। / The Desi Democracy Project

भारतीय-अमेरिकी वकील और नागरिक मामलों के जानकार नीलोय आजाद ने 'कर्बसाइड क्रिटिक्स' (Curbside Critics) नाम से इंस्टाग्राम पर एक नई इंटरव्यू सीरीज शुरू की है। इसमें ह्यूस्टन में रहने वाले लोगों से शहर में उनके रहने के अनुभवों के बारे में बातचीत की जाती है।

यह सीरीज 'देसी डेमोक्रेसी प्रोजेक्ट' का हिस्सा है। यह प्रोजेक्ट टेक्सस में दक्षिण एशियाई समुदायों की नागरिक भागीदारी बढ़ाने के लिए आजाद ने शुरू किया था। इस प्रोग्राम का मकसद लोगों को ऐसे मंच देना है जहां वे ह्यूस्टन में रोजमर्रा की जिंदगी पर असर डालने वाले मुद्दों पर बात कर सकें। इसके लिए शहर के अलग-अलग इलाकों में अनौपचारिक, सड़क-शैली (street-style) के इंटरव्यू शूट किए जाते हैं।

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अब तक इसके तीन एपिसोड रिलीज हो चुके हैं, जिनमें लोकल DJ Obsrv और ह्यूस्टन की रहने वाली ऑड्रे नाथ जैसे मेहमान शामिल हैं। पहले से तय स्क्रिप्ट के बजाय, इन एपिसोड में ट्रांसपोर्टेशन और हाउसिंग से लेकर इलाके की प्लानिंग और पब्लिक जगहों तक के मुद्दों पर खुलकर बातचीत की जाती है।

इस सीरीज में आने-जाने में होने वाली दिक्कतों, ट्रैफ़िक की स्थिति, फुटपाथ और साइकिल के लिए बुनियादी सुविधाओं, घर की किफायती कीमतों और पार्क व मनोरंजन की जगहों की उपलब्धता जैसे विषयों पर चर्चा की जाती है। इसमें हिस्सा लेने वाले लोग यह भी बताते हैं कि शहरी प्लानिंग और इलाके का डिजाइन उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पर कैसे असर डालता है।

आजाद ने कहा कि मैं एक ऐसी जगह बनाना चाहता था जहां ह्यूस्टन के आम लोग खुलकर बात कर सकें कि यहां रहना असल में कैसा है। इन बातचीत में कई तरह के मुद्दों को शामिल किया गया है, जैसे कि घर और इलाकों का डिजाइन व कनेक्टिविटी।

मीडिया से जुड़े इस काम के अलावा, आजाद कानूनी वकालत का अपना काम भी जारी रखे हुए हैं। एक प्रेस बयान के मुताबिक, उन्होंने हाल ही में शरण मांगने वाले एक व्यक्ति की ओर से फेडरल 'हेबियस कॉर्पस' (habeas corpus) याचिका तैयार करने में मदद की। यह व्यक्ति अभी U.S. इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) की हिरासत में है। यह याचिका टेक्सास की एक फेडरल कोर्ट में लंबित है।

'देसी डेमोक्रेसी प्रोजेक्ट' टेक्सस में दक्षिण एशियाई समुदायों के बीच नागरिक शिक्षा और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देता है। कानूनी वकालत, आउटरीच प्रोग्राम और 'कर्बसाइड क्रिटिक्स' जैसी सार्वजनिक पहलों के जरिए, यह प्रोजेक्ट ज्यादा नागरिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना चाहता है। साथ ही, यह लोगों को अपने समुदायों पर असर डालने वाले मुद्दों पर अपने विचार साझा करने के लिए एक मंच भी देता है।

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