ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

नेपाल के पीएम शाह बोले- भारत के साथ सीमा विवाद बातचीत से सुलझा लेंगे

प्रधानमंत्री शाह ने रविवार को संसद में कहा कि यह केवल भारत द्वारा नेपाल की जमीन पर अतिक्रमण का मामला नहीं है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को बैठकर इस मुद्दे पर चर्चा करनी चाहिए।

 पीएम बालेंद्र शाह पीएम बालेंद्र शाह / pratinidhi sabha nepal Official channel screen grab

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने प्रतिनिधि सभा में दावा किया कि बहुत जल्द भारत के साथ सीमा विवाद को वार्ता और कूटनीतिक प्रयासों के जरिए संभाल लिया जाएगा। वो एक सांसद की ओर से पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे। सत्ता संभालने के बाद पहली बार उन्होंने संसद को संबोधित किया।

प्रतिनिध सभा से सत्र का सत्र का लाइव टेलीकास्ट किया गया। प्रधानमंत्री शाह ने रविवार को संसद में कहा कि यह केवल भारत द्वारा नेपाल की जमीन पर अतिक्रमण का मामला नहीं है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को बैठकर इस मुद्दे पर चर्चा करनी चाहिए।

यह भी पढ़ें: नेपाल: सत्तारूढ़ RSP प्रमुख रबी लामिछाने भारत जाएंगे, यात्रा 2 जून से

एक अलग प्रश्न के जवाब में, जिसमें लिपुलेख, लिंपियाधुरा और कालापानी के जरिए भारत और चीन के बीच व्यापार से जुड़ा मुद्दा पूछा गया था, प्रधानमंत्री ने कहा कि इन विवादों का समाधान भी कूटनीतिक बातचीत से किया जाएगा। शाह के मुताबिक सीमा विवाद को लेकर उन्होंने यूनाइटेड किंगडम की सरकार से भी बात की है।

उन्होंने बताया कि नेपाल ने इस मामले पर भारत को आधिकारिक कूटनीतिक नोट भेजा है और भारत की ओर से जवाब भी मिला है। उस जवाब में कहा गया है कि दोनों देश इतिहासकारों, सर्वेक्षकों और विशेषज्ञों की टीम बनाकर बातचीत के जरिए समाधान निकालेंगे।

नेपाली मीडिया आउटलेट द काठमांडू पोस्ट के अनुसार, संसद की बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री शाह ने सभापति डीपी आर्यल से सांसदों के सवालों का जवाब देने के लिए समय मांगा। प्रधानमंत्री ने हाथ उठाकर समय का अनुरोध किया, जिसे सभापति ने मंजूर किया और उन्हें हाउस रोस्ट्रम (पोडियम) का उपयोग करने की अनुमति दी।

इसके बाद, सभापति ने सांसदों को उनके-अपने दलों की ओर से सवाल पूछने की अनुमति दी। कुछ सांसदों ने पहले सवाल उठाए थे कि यह प्रक्रिया संसदीय नियमों के अनुसार है या नहीं।

पिछली प्रथाओं के अनुसार, सभापति प्रधानमंत्री के साथ सवाल-जवाब सत्र के लिए विशिष्ट समय आवंटित करते थे और सांसद पहले से लिखित रूप में अपने सवाल जमा करते थे।

अन्य खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें न्यू इंडिया अब्रॉड

Comments

Leave A Comment

Required fields are marked (*).

Related

Talk to us?