जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) USA 2026 / Handout
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) USA 2026 में अपने अब तक के सबसे बड़े संस्करण के साथ वापसी करेगा। इसमें लॉस एंजिलिस को शामिल करके इसे अमेरिका के छह शहरों तक बढ़ाया जा रहा है।
टीमवर्क आर्ट्स द्वारा आयोजित यह बड़ा संस्करण नॉर्थ कैरोलिना, लॉस एंजिलिस, सिएटल, कोलोराडो, न्यूयॉर्क और ह्यूस्टन में आयोजित होगा। इसमें दुनिया भर के मशहूर लेखक, इतिहासकार, पत्रकार, कलाकार, पॉलिसी बनाने वाले और बदलाव लाने वाले लोग एक साथ आएंगे।
आयोजकों ने कहा कि यह विस्तार JLF USA का अब तक का सबसे बड़ा और महत्वाकांक्षी संस्करण है। यह नॉर्थ अमेरिका में साहित्य, संस्कृति, जियोपॉलिटिक्स, लोकतंत्र, विज्ञान, टेक्नोलॉजी, पहचान, बिजनेस और कला जैसे विषयों पर बातचीत के मंच के तौर पर फेस्टिवल की लगातार बढ़ती लोकप्रियता को दिखाता है।
फेस्टिवल की शुरुआत नॉर्थ कैरोलिना में 11-13 सितंबर को होगी, जिसके बाद 14-16 सितंबर को लॉस एंजिल्लिस में इसका पहला आयोजन होगा। इसके बाद यह सिएटल (17-20 सितंबर), कोलोराडो (22-23 सितंबर), न्यूयॉर्क (29-30 सितंबर) जाएगा और ह्यूस्टन (2-4 अक्टूबर) में इसका समापन होगा।
17 जुलाई को एक वर्चुअल कार्यक्रम में बोलते हुए, टीमवर्क आर्ट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर संजॉय रॉय ने कहा कि इस फेस्टिवल को अलग-अलग संस्कृतियों और क्षेत्रों के बीच बातचीत को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया था।
रॉय ने कहा कि यह असल में चर्चा, बहस और अलग राय रखने के लिए एक मंच बनाने के बारे में है... और ज्ञान, इनोवेशन और उन सभी विचारों को आगे बढ़ाने के बारे में है जो एक बेहतर दुनिया बनाने में मदद करेंगे।
रॉय ने बताया कि इस फेस्टिवल की शुरुआत 2006 में जयपुर के दिग्गी पैलेस में लगभग 7,000 लोगों के साथ हुई थी। तब से यह दुनिया के सबसे बड़े साहित्यिक आयोजनों में से एक बन गया है, जहां हर साल लगभग 400,000 लोग आते हैं और डिजिटल प्लेटफॉर्म व इंटरनेशनल एडिशन के जरिए लाखों और लोग इससे जुड़ते हैं।
उन्होंने कहा कि हर इंटरनेशनल चैप्टर को लोकल पार्टनर के साथ मिलकर तैयार किया जाता है, ताकि हर शहर की अपनी पहचान बनी रहे और साथ ही वे JLF के बड़े विजन से भी जुड़े रहें। फेस्टिवल के पीछे की सोच के बारे में बताते हुए रॉय ने कहा कि फाउंडर्स चाहते थे कि जानकारीपूर्ण बातचीत के जरिए युवा पीढ़ी को इससे जोड़ा जाए।
फेस्टिवल प्रोड्यूसर पारुल सोनी ने कहा कि इस विस्तार का मकसद सिर्फ फेस्टिवल की भौगोलिक पहुंच बढ़ाना नहीं, बल्कि लंबे समय तक चलने वाला सांस्कृतिक जुड़ाव बनाना है। सोनी ने कहा कि हमारा फोकस सिर्फ ज्यादा लोगों तक पहुंचना नहीं है, बल्कि जिन भी शहरों में हम जाते हैं, वहां कम्युनिटी बनाना और लोगों को यादगार अनुभव देना भी है।
उन्होंने कहा कि JLF USA में साहित्य मुख्य है, लेकिन संगीत, विज़ुअल आर्ट, खाने-पीने और लोकल संस्थाओं के साथ मिलकर काम करने से इसका अनुभव और भी बेहतर हो जाता है। साहित्य इस फेस्टिवल की जान है... लेकिन संगीत, विज़ुअल आर्ट, खाने-पीने और लोकल सहयोग से यह और भी शानदार बन जाता है। ये सभी चीजें मिलकर एक ऐसा जीवंत माहौल बनाती हैं जो इस फेस्टिवल को सच में बहुत खास बनाता है।
लेखिका अलका जोशी ने कहा कि वह 'सिक्स डेज इन बॉम्बे' (Six Days in Bombay) के बारे में बात करेंगी। यह किताब हंगरी-भारतीय कलाकार अमृता शेर-गिल से प्रेरित है। दिल्ली यात्रा के दौरान उन्हें अमृता के काम के बारे में पता चला और उनका मानना है कि उन्हें दुनिया भर में और ज्यादा पहचान मिलनी चाहिए।
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