H1B Visa / ai
रिपब्लिकन सीनेटर टिम शीही ने एक नया विधेयक पेश किया है, जिसमें तीन साल तक नए एच-1बी वीजा जारी करने पर रोक लगाने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही वीजा नियमों को पहले से कहीं अधिक सख्त बनाने और विदेशी कर्मचारियों व छात्रों से जुड़े कई प्रावधानों में बड़े बदलाव की बात कही गई है।
सीनेटर टिम शीही ने 'एंड एच-1बी वीजा एब्यूज एक्ट-2026' पेश करते हुए कहा कि इस कानून का उद्देश्य 'अमेरिकी मेहनतकश लोगों को प्राथमिकता देना' है।
टिम शीही ने कहा, "एच-1बी कार्यक्रम की शुरुआत उन विशेष और कठिन पदों पर कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिए की गई थी, जहां योग्य लोग नहीं मिलते थे। इसका उद्देश्य योग्य और मेहनती अमेरिकी कर्मचारियों की जगह सस्ते विदेशी श्रमिकों को लाना कभी नहीं था। हमारे देश में प्रतिभा मौजूद है, इसलिए ऐसे वर्क परमिट जारी नहीं किए जाने चाहिए जो अमेरिकी कर्मचारियों के हितों को नुकसान पहुंचाएं।"
उन्होंने कहा कि उनका विधेयक एच-1बी कार्यक्रम को उसके मूल उद्देश्य के अनुरूप वापस लाएगा। इसके लिए कानून में मौजूद कमियों को दूर किया जाएगा, दुरुपयोग रोकने के लिए कड़े सुरक्षा प्रावधान लागू किए जाएंगे और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।
सीनेटर के कार्यालय के अनुसार, यदि यह विधेयक कानून बनता है तो तीन वर्षों तक नए एच-1बी वीजा जारी नहीं किए जाएंगे।
प्रस्तावित विधेयक में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सुझाई गई प्रत्येक एच-1बी याचिका पर 100,000 डॉलर की फीस को कानून का हिस्सा बनाने की बात भी कही गई है। इसके अलावा मौजूदा लॉटरी प्रणाली को समाप्त कर वेतन आधारित चयन प्रणाली लागू करने का प्रस्ताव है। साथ ही एक व्यक्ति के एक साथ कई नियोक्ताओं के लिए काम करने और थर्ड-पार्टी स्टाफिंग एजेंसियों के जरिए एच-1बी कर्मचारियों की नियुक्ति पर भी रोक लगाने की योजना है।
इस विधेयक का एक बड़ा प्रस्ताव 'डुअल इंटेंट' व्यवस्था को समाप्त करना है। अभी एच-1बी वीजा धारक अमेरिका में काम करते हुए स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) के लिए आवेदन कर सकते हैं। नए प्रस्ताव के तहत यह सुविधा खत्म कर दी जाएगी।
इसके अलावा एच-श्रेणी के वीजा धारकों को अपने आश्रितों को अमेरिका लाने की अनुमति नहीं होगी। संघीय सरकारी एजेंसियां गैर-आप्रवासी वीजा धारकों को प्रायोजित या नियुक्त नहीं कर सकेंगी। विदेशी छात्रों और कुछ एक्सचेंज विजिटर्स को मिलने वाली रोजगार अनुमति भी समाप्त करने का प्रस्ताव है। इसके लिए ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग जैसी योजनाओं को खत्म करने की बात कही गई है।
विधेयक में हर साल जारी होने वाले एच-1बी वीजा की अधिकतम संख्या घटाकर 25,000 करने का प्रस्ताव है। फिलहाल यह संख्या इससे कहीं अधिक है। इसके साथ ही एच-1बी वीजा की वैधता तीन वर्ष तक सीमित करने और एच-1बी कर्मचारियों के लिए कम से कम 200,000 डॉलर वार्षिक वेतन अनिवार्य करने का भी प्रस्ताव रखा गया है।
नए नियमों के तहत किसी भी विदेशी कर्मचारी को नियुक्त करने से पहले नियोक्ता को यह प्रमाणित करना होगा कि उस पद के लिए कोई योग्य अमेरिकी कर्मचारी उपलब्ध नहीं है। साथ ही कंपनी को यह भी प्रमाण देना होगा कि उसने पिछले एक वर्ष में कर्मचारियों की छंटनी नहीं की है और अगले एक वर्ष तक भी छंटनी नहीं करेगी।
विधेयक में यह भी प्रस्ताव है कि स्टाफिंग एजेंसियां एच-1बी कर्मचारियों को प्रायोजित नहीं कर सकेंगी। विदेशी कर्मचारी एच-1बी कार्यक्रम के तहत एक साथ कई कंपनियों में काम नहीं कर पाएंगे। इसके अलावा अधिकांश गैर-आप्रवासी वीजा धारकों को अमेरिका में रहते हुए अपनी इमिग्रेशन स्थिति बदलने की अनुमति भी नहीं होगी।
सीनेटर शीही के कार्यालय का दावा है कि एच-1बी कार्यक्रम अब 'बड़े पैमाने पर श्रम प्रतिस्थापन का माध्यम' बन गया है, जो अमेरिकी कर्मचारियों की कमी पूरी करने के बजाय उनकी जगह विदेशी कर्मचारियों को ला रहा है।
कार्यालय ने यह भी कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रक्षा और रक्षा से जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों में बड़ी संख्या में विदेशी कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की नियुक्ति से डेटा सुरक्षा, अंदरूनी जोखिम और विदेशी प्रभाव जैसे गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी खतरे पैदा हो सकते हैं।
इस विधेयक का उद्देश्य अमेरिकी कर्मचारियों को प्राथमिकता देना, एच-1बी कार्यक्रम में लंबे समय से चल रहे कथित दुरुपयोग को रोकना और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े जोखिमों का समाधान करना है। इस विधेयक को इमिग्रेशन अकाउंटेबिलिटी प्रोजेक्ट और फेडरेशन फॉर अमेरिकन इमिग्रेशन रिफॉर्म का समर्थन भी मिला है।
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